पाकिस्तानी सेना अशांत बलूचिस्तान में विद्रोहियों के दमन के लिए अब चीनी ड्रोनों CH-4B का इस्तेमाल कर रही है। अब तक वह लड़ाकू विमानों व हेलिकॉप्टरों से बलूचों पर हमले करती रही है, लेकिन अब ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं।
द यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सैन्य इस्तेमाल के ड्रोनों (UAV) से बलूचों पर हमले पाक का नया पैंतरा है। अब पाक सेना यूएवी से लगातार हमले कर रही है। बलूचिस्तान पोस्ट-इंग्लिश के अनुसार इस माह के आरंभ में पाकिस्तानी सेना ने बोलन क्षेत्र में बलूच विद्रोहियों के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की थी। इसमें यूएवी, लड़ाकू विमान, गनशिप हेलिकॉप्टर्स और एसएसजी कमांडो का इस्तेमाल किया गया।
बलूच मिलिशिया ने पाक कमांडो मार गिराए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में बोलन के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बलूच राष्ट्रवादियों के खिलाफ लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। उधर, बलूच मिलिशिया ने पाकिस्तानी सैन्य अभियानों का विरोध करते हुए दो एसएसजी कमांडो को मार गिराया। हालात से निपटने के लिए अब पाक सेना ने लड़ाकू यूएवी का उपयोग शुरू किया है। यह नया तरीका है और इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ाया जा रहा है।
चीन और तुर्की ने भेजे लड़ाकू ड्रोन
बलूचिस्तान पोस्ट-इंग्लिश ने ट्वीट कर दावा किया है कि चीन और तुर्की ने पाकिस्तान को लड़ाकू यूएवी के विभिन्न मॉडल भेजे हैं। ट्विटर और पाकिस्तान स्थित रक्षा ब्लॉग पर दी गई जानकारी के अनुसार चीनी सीएच-4बी यूएवी को बोलन में देखा गया। इसी इलाके में बलूच विद्रोहियों ने दो एसएसजी कमांडो को मार डाला था।
चीनी सेना की टुकड़ी कर रही ड्रोन हमलों में मदद
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान को पिछले साल जनवरी में चीन से पांच रेनबो 4 या सीएच-4 बहुपयोगी ड्रोन मिले हैं। हालांकि बाद में आई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि ये CH-4B ड्रोन थे। यह भी दावा किया गया है कि ग्वादर के पसनी स्थित चीनी सेना (PLA) की एक टुकड़ी कथित तौर पर इन सीएच-4 बी ड्रोन हमलों में पाकिस्तानी सेना की मदद करती है। पाकिस्तानी सेना का पसनी में एक नौसैनिक हवाई अड्डा स्टेशन है। इसे पीएनएस मकरान के नाम से जाना जाता है।
बलूचों ने लगाया पाक सेना पर जुल्म का आरोप
उधर, बलूचों ने पाकिस्तानी सेना पर जुल्म व ज्यादतियों का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हाल के दिनों में पाक सेना ने सशस्त्र हमले तेज कर दिए हैं। द बलूचिस्तान पोस्ट की ताजा रिपोर्ट के अनुसार बलूचिस्तान मानवाधिकार परिषद को अक्तूबर 2022 तक बलूचिस्तान में लोगों के लापता होने के 41 मामले और बगैर सुनवाई के फांसी के 30 मामलों की शिकायत मिली है।
ग्वादर में चीन बना रहा सीपीईसी
बता दें, चीन-पाकिस्तान आर्थिक समझौते (सीपीईसी) के तहत चीन पाकिस्तान के ग्वादर में बंदरगाह विकसित कर रहा है। इसकी आड़ में चीन ने पीएलए की टुकड़ी तैनात कर दी है। द यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पीएलए की यही टुकड़ी सीएच-4बी ड्रोनों के संचालन में पाकिस्तानी सैनिकों की सहायता करेगी।