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Iran: यूएस ने 24 घंटे में पश्चिम एशिया भेजे 50 से ज्यादा लड़ाकू विमान; ईरान की धमकी- ऐसा मारेंगे उठेंगे नहींं

Wed, 18 Feb 2026 07:53 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। दोनों देशों के बीच जिनेवा में बातचीत भी जारी है, लेकिन इसके बाद भी तनाव बना हुआ है। अब अमेरिका ने ईरान में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है तो ईरान के सर्वोच्च नेता ने भी अमेरिका को धमकी दी है। 
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अमेरिकी विमान एफ-16 (फाइल) - फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
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विस्तार
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराता जा रहा है। पहले खबर आई कि अमेरिका ने अपने दो युद्धपोत पश्चिम एशिया में तैनात किए हैं। जिसके बाद आशंका हुई कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। अब खबर आई है कि अमेरिका ने बीते 24 घंटे में 50 से ज्यादा लड़ाकू विमान पश्चिम एशिया भेजे हैं। इसे अमेरिका द्वारा ईरान के आसपास अपनी नौसैन्य और वायु सेना की तैनाती बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी सेना को धमकी दी है कि दुनिया की सबसे ताकतवर सेना पर भी ऐसा हमला होगा कि वे दोबारा उठ नहीं पाएंगे। 
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ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका सेना के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में हो रही बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होनी है। बीते हफ्ते ही अमेरिका ने अपने सबसे बड़े युद्धपोत यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड को पश्चिम एशिया में तैनात किया है। साथ ही यूएसएस अब्राहम लिंकन पहले से ही पश्चिम एशिया में तैनात है। अब 50 से ज्यादा अतिरिक्त लड़ाकू विमान भेजने को अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव बनाने के तौर पर देखा जा रहा है।

खामेनेई ने दी अमेरिका को धमकी
अमेरिका द्वारा सैन्य तैनाती बढ़ाने के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में अमेरिका को धमकी दी है। खामेनेई ने लिखा, 'अमेरिका द्वारा लगातार कहा जा रहा है उन्होंने ईरान की तरफ युद्धपोत भेजा है। बेशक एक युद्धपोत बेहद खतरनाक होता है, लेकिन उससे भी खतरनाक है वो हथियार, जो युद्धपोत को समुद्र की गहराई में डुबो सकता है।'
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खामेनेई ने ईरान की परमाणु महत्वकांक्षा पर भी अपने विचार रखे। खामेनेई ने लिखा 'यह बात कि परमाणु ऊर्जा हमारा हक है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की गाइडलाइंस में भी शामिल है। यानी, सभी देशों को परमाणु और परमाणु संवर्धन रखने का हक है। यह एक देश के हक में से एक है। अमेरिका इसमें दखल क्यों दे रहा है?'

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