ऑस्ट्रेलिया और चीन के खराब होते संबंधों का दोनों देशों के नागरिकों पर सीधा असर पड़ता दिखने लगा है। चीन में काम करने वाले पत्रकार चीन छोड़ कर भाग रहे हैं, तो आस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले चीनी विद्यार्थी डरे हुए हैं। चीन के सरकारी टीवी सीजीटीएन में काम करने वाली एक ऑस्ट्रेलियाई कर्मचारी को 'अवैध' रूप से देश की गोपनीय सूचनाओं को चीन से बाहर भेजने के संदेह में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मारिज पायने ने कैनबरा में सोमवार को एक बयान में कहा कि चेंग लेई जो 13 अगस्त, 2020 से चीन की हिरासत में हैं उन्हें चीन ने औपचारिक रूप से 5 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया है। हिरासत की अवधि में ऑस्ट्रेलियाई कांसुलर चेंग से नियमित रूप से मिलते रहे हैं। पायने ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार चीन के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने चेंग की हिरासत के बारे में अपनी गंभीर चिंताओं को पहले भी उठाती रही है। चीनी अधिकारियों ने कहना है कि चेंग को अवैध रूप से देश की गोपनीय सूचनाओं को बाहर भेजने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है।
ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार चेंग अमेरिकी समाचार नेटवर्क सीएनबीसी में नौ साल काम करने के बाद 2012 में सीजीटीएन के बीजिंग स्थित ब्रॉडकास्टर सर्विस में शामिल हो गईं। यहां उसने अपने काम की बदौलत मशहूर एंकरों में अपनी जगह बना ली। वह दैनिक 'ग्लोबल बिजनेस' शो के हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू आयोजित करने के साथ-साथ 'कंटेंट इनोवेशन' कार्यक्रम चला रही थीं। समय-समय पर वह बिजनेस परिचर्चाओं में भाग भी लेती थीं।
चेंग बुनियादी तौर पर एक बिजनेस एंकर थीं। खाली समय में वह बीजिंग में ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के बीच सक्रिय थीं। ऑस्ट्रेलियाई चैंबर ऑफ कॉमर्स की सेमिनार में हिस्सा लेती रही थीं, साथ ही देश के दूतावास के लिए ‘पूर्व छात्र राजदूत’ के रूप में भी काम करती थीं।
पिछले साल चेंग की हिरासत के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन कानून के शासन के तहत चलने वाला देश है और हम कानून के मुताबिक ही काम करेंगे।
गौरतलब है कि जब से ऑस्ट्रेलिया ने कोरोनो वायरस की शुरुआत को लेकर जांच की मांग शुरु की तब से दोनों देशों के रिश्ते तेजी से बिगड़ने लगे। इसी दौरान चेंग की गिरफ्तारी का मामला सामना आया। चेंग को हिरासत में लेने के तुरंत बाद चीन में काम करने वाले विदेशी पत्रकारों में दहशत फैल गयी है।
चीनी अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर दो ऑस्ट्रेलियाई पत्रकारों से भी पूछताछ की कोशिश की थी। पूछताछ के बाद दोनों पत्रकार अपना ऑफिस छोड़कर वापस चीन लौट गए। चीन के 50 वर्षों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि चीन में ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के ऑफिस में कोई पत्रकार ही न हो।
ऑस्ट्रेलिया में चेंग के परिवार के सदस्यों ने आस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन से बताया कि वे नहीं जानते कि उसे किन कारणों से हिरासत में लिया गया है। परिवार का कहना है कि 'उन्हें नहीं लगता कि उसने जान-बूझकर किसी भी तरह से चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ भी किया होगा।'
परिवार की ओर से चेंग की भतीजी और प्रवक्ता लुईसा वेन ने आस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन से बात की। चेंग की भतीजी ने कहा कि 'हमें नहीं पता कि वह ऐसी किस चीज़ में फंस गई है, जिसका उसे खुद पता नहीं है।'
बातचीत के बाद चेंग के परिवार के सदस्य तनाव में नज़र आए। उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया सरकार के अफ़सर उनके लगातार सम्पर्क में हैं। चीनी अधिकारियों से हुई बातचीत का ब्यौरा उन्हें बताते रहते हैं। इस घटना के बाद चीन में रहने वाले आस्ट्रेलियाई बेचैनी महसूस कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के कई लोग वतन वापसी की तैयारी कर रहे हैं।
पूरे घटनाक्रम का असर आस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले चीनी छात्रों में कब और कैसा होगा यह आने वाले समय में दिखाई देगा। इतना तो तय है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में आयी खटास का स्वाद आम जनता को चखना पड़ रहा है।