Sri Lanka: श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के गवर्नर नंदलाल वीरसिंघे ने कहा कि देश आर्थिक संकट से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है, इसलिए प्रतिबद्धता के रास्ते में किसी भी चूक के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि लागू और नियोजित महत्वपूर्ण सुधारों से पीछे हटने से अर्थव्यवस्था अस्थिरता की स्थिति में पहुंच जाएगी।
श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के गवर्नर नंदलाल वीरसिंघे ने कहा कि देश में एक और आर्थिक मंदी को रोकने के लिए सुधार की निरंतरता जरूरी है। उन्होंने कहा कि द्वीप राष्ट्र के 2022 के दिवालियापन से आर्थिक सुधार की निरंतरता मुख्य रूप से आईएमएफ के विस्तारित बेलआउट पैकेज के एजेंडे पर टिकी है। वह केंद्रीय बैंक की 2023 की वार्षिक रिपोर्ट पर टिप्पणी कर रहे थे। यह रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई।
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वीरसिंघे ने कहा, देश आर्थिक संकट से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाया है, इसलिए प्रतिबद्धता के रास्ते में किसी भी चूक के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि लागू और नियोजित महत्वपूर्ण सुधारों से पीछे हटने से अर्थव्यवस्था अस्थिरता की स्थिति में पहुंच जाएगी। द्वीप राष्ट्र इस साल के अंत में राष्ट्रपति चुनाव का सामना करने के लिए तैयार है।
2022 के दिवालियापन के बाद राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने सिलसिलेवार अलोकप्रिय सुधारों के साथ अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाया है। वीरसिंघे ने कहा कि आईएमएफ के बेलआउट पैकेज को आगे बढ़ाने के लिए 46 अरब डॉल से जुड़ी मौजूदा ऋण पुनर्गठन वार्ता का परिणाम महत्वपूर्ण है।
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श्रीलंका अभी भी निजी बॉन्डधारकों के साथ जुड़ा हुआ है और आईएमएफ ने कहा है कि इसे अगले महीने तक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने के साथ समाप्त होना चाहिए। केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि जोखिम नीचे की ओर जाता दिख रहा है।