मिस्र के मौजूदा राष्ट्रपति अब्देल अल सिसी की शक्तियों को बढ़ाने और उनके 2030 तक सत्ता में बने रहने के लिए शनिवार से तीन दिनों तक चलने वाला जनमत संग्रह शुरू हो गया। मिस्र की संसद ने मंगलवार को संविधान संशोधन को मंजूरी दे दी थी।
कभी तख्तापलट करने वाले सिसी देश में फैली अशांति के बीच खुद को स्थिरता प्रदान करने वाले व्यक्ति के रूप में पेश कर रहे हैं। मानवाधिकारों समूहों के प्रदर्शनों के बावजूद उम्मीद की जा रही है कि तीन दिनों तक चलने वाले जनमत संग्रह से संवैधानिक बदलावों को व्यापक मंजूरी मिलेगी। इससे सिसी अरब के इस सबसे बड़े देश में कम से कम 2024 तक शासन में बने रह सकते हैं।
इन संशोधनों से सिसी (64) छह साल और यानी 2030 तक शासन चला सकते हैं। इतना ही नहीं, वह न्यायपालिका पर अपना नियंत्रण मजबूत कर सकते हैं। साथ ही राजनीति में सेना के अधिक दखल की अनुमति भी दे सकते हैं। इस बीच, विपक्षी दलों के गठबंधन सिविल डेमोक्रेटिक मूवमेंट के सदस्य खालिद दाऊद ने कहा कि सिसी को मिलने वाली शक्तियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए समय नहीं दिया गया। हम सिसी को मिलने वाली शक्तियों के खिलाफ है।