पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में नियंत्रण को लेकर छिड़ा संघर्ष अब लाल सागर तक पहुंच गया है। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर सऊदी अरब ने हमला किया। इसके बाद हूती विद्रोहियों ने शनिवार को पलटवार कर सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने रणनीतिक लाल सागर तटीय शहर होदेइदा पर सऊदी अरब के हवाई हमलों के जवाब में ये कार्रवाई की।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने पहले से रिकॉर्ड किए गए एक बयान में कहा कि विद्रोहियों ने दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको की यानबू और जिजान स्थित सुविधाओं को निशाना बनाया। हूती विद्रोहियों ने कहा कि यह हमला शनिवार तड़के होदेइदा और यमन के पश्चिमी तट के पास स्थित कमरान द्वीप पर सऊदी अरब की ओर से किए गए हवाई हमलों के जवाब में किया गया। होदेइदा और कमरान द्वीप पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण है।
सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर किया था हमला
सऊदी अरब की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने बताया कि शनिवार तड़के यानबू और जिजान में कई बार हवाई हमले की चेतावनी वाला सायरन बजा। सऊदी अरब ने शनिवार को कहा कि उसके नेतृत्व वाले बलों ने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला किया है। इससे पहले ईरान समर्थित हूती समूह ने दावा किया था कि उसने सप्ताह की शुरुआत में लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने यमन से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। ताजा हमलों को ईरान युद्ध के समानांतर दूसरे मोर्चे पर संघर्ष के और तेज होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यमन में वैध सरकार की बहाली के लिए बने सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बयान में कहा, "हमारी कार्रवाई हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों पर केंद्रित थी, जिनका इस्तेमाल लाल सागर में व्यावसायिक जहाजों को खतरे में डालने के लिए करती है।"
ट्रंप ने हूती विद्रोहियों को समर्थन देने के लिए ईरान को ठहराया था जिम्मेदार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि अगर हूती विद्रोही आगे भी ऐसे हमले करते हैं तो अमेरिका इसके लिए ईरान को जिम्मेदार मानेगा। यह बयान हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी तेल टैंकरों पर हमले का दावा करने के बाद आया था। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "अगर वे ऐसा फिर करते हैं तो अमेरिका इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराएगा, क्योंकि हूती ईरान के प्रतिनिधि और उसके समर्थन से काम करने वाला समूह हैं। ऐसी स्थिति में ईरान और स्वयं हूती, दोनों को भारी सैन्य सजा दी जाएगी।"
हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की थी। उन्होंने लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के रास्ते सऊदी तेल निर्यात रोकने की धमकी भी दी थी। अल-मालिकी ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने "लाल सागर में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाकर लापरवाही और कायरता का परिचय दिया है।"