विश्व स्तर पर इस माह की शुरूआत में, अपने काम की वजह से 274 पत्रकारों को जेल जाना पड़ा है और उनमें से करीब तीन दर्जन पत्रकारों पर ‘फर्जी खबर’ देने का आरोप है। इनमें चीन सबसे ऊपर है।
यह आंकड़ा कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स ने जारी किया है। समिति ने कहा कि यह लगातार पांचवां ऐसा वर्ष है, जब कम से कम 250 पत्रकार हिरासत में हैं, जो कि सरकारों के दमनकारी कदमों को दर्शाता है।
पत्रकारों को जेल में रखने के मामले में चीन के बाद तुर्की और मिस्र का स्थान है। वहीं बेलारूस और इथियोपिया में राजनीतिक गतिरोध की वजह से भी बड़ी संख्या में पत्रकार हिरासत में हैं। समिति ने बताया कि पिछले साल 26 के मुकाबले इस साल अब तक 29 पत्रकार मारे जा चुके हैं।
समिति के पदाधिकारी कोर्टनी राडसश ने बताया कि संक्रमण की वजह से इस साल संघर्ष क्षेत्रों में पत्रकारों की संख्या कम है, जहां वे युद्ध का शिकार हो सकते हैं। अमेरिका प्रेस फ्रीडम ट्रेकर ने बताया कि इस महीने की शुरूआत में अमेरिका में किसी पत्रकार की न तो हत्या हुई है और न ही कोई अभी जेल में हैं।
लेकिन 2020 में 110 पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया और उन पर आपराधिक आरोप लगाए गए। चीन में 47 पत्रकार जेल में हैं, जिनमें से तीन कोविड-19 महामारी पर सरकार के कदमों से जुड़ी खबरों के लिए जेल में हैं।