संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि कोलंबिया में विद्रोही समूह फेसबुक और टिकटॉक जैसे एप के जरिए बच्चों और युवाओं को बरगला रहे हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए वयस्कों की भर्ती कर रहे हैं। ऐसे में यह पूरी दुनिया के लिए खतरनाक संकेत है। इस वजह से सोशल मीडिया कंपनियों को सामग्री मॉडरेट करने के लिए और अधिक प्रयास करने चाहिए।
कोलंबिया में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवाधिकार अधिकारी स्कॉट कैंपबेल ने कहा कि आपराधिक गिरोह और विद्रोही समूहों की ओर से पोस्ट किए गए वीडियो को हटाने के लिए स्वचालित और इंसानी मॉडरेटर दोनों में अधिक निवेश की जरूरत है। ऐसे पोस्ट हाशिए के समुदायों के युवाओं को अपना निशाना बनाते हैं और उनसे गलत काम करवाते हैं। FARC-EMC जैसे कोलंबियाई विद्रोही समूह तेजी से ऐसे वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जो युवाओं को बेहतर जीवनशैली का लालच देते हैं और गिरोहमें भर्ती होने के लिए प्रेरित करते हैं।
कैंपबेल ने कहा, 'ये कंपनियां वैश्विक दक्षिण में ऑनलाइन सामग्री मॉडरेशन में पर्याप्त संसाधन नहीं लगा रही हैं। उन्होंने कोलंबिया को इस बात का उदाहरण बताया कि बच्चों और स्वदेशी समुदायों के लिए यह खतरा कितना गंभीर हो सकता है। उन्होंने कहा कि कंपनियां वैश्विक उत्तर में अधिक कार्रवाई करती हैं, जहां उन्हें सबसे अधिक राजनीतिक दबाव महसूस होता है। कैम्पबेल ने पहले संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा कार्यालय में मानवाधिकार और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ के रूप में भी काम किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल ही में मेटा के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। मेटा के पास फेसबुक का स्वामित्व है। मुलाकात इस बात पर चर्चा करने के लिए हुई कि विद्रोही समूहों और गिरोहों को युवा लोगों की भर्ती के लिए कंपनी के प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से कैसे रोका जा सकता है। कंपनी ने इस समस्या पर काम करने का वादा किया। कैंपबेल ने कहा कि वह TikTok प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने की भी तैयारी कर रहे हैं।
कंपनी के बयान भी सामने आए
एक ईमेल में TikTok के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने सामुदायिक दिशानिर्देश विकसित किए हैं, जिसमें अपने प्लेटफॉर्म पर घृणास्पद या हिंसक संगठनों को अनुमति नहीं देना शामिल है। अगर उसे पता चलता है कि ये संगठन उसके प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं या उपयोगकर्ताओं की ओर से संदिग्ध खातों को रिपोर्ट किया जाता है, तो वह खातों की समीक्षा करेगी और उन्हें हटा देगी। वह कोलंबिया में पुलिस और सेना के साथ मिलकर काम कर रही है। एक अलग ईमेल में मेटा ने कहा कि कंपनी की नीति आतंकी संगठनों को अपने प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से प्रतिबंधित करने की है। कंपनी बच्चों की भर्ती के प्रयासों से लड़ने के लिए कानून प्रवर्तन के साथ सहयोग कर रही है।