लंदन में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के कॉर्पस क्रिस्टी कॉलेज में सोमवार को 'इंडिया एट 75' कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों के साथ संवाद किया। इस दौरान एक सवाल का जवाब देने के दौरान वे बेहद भावुक हो गए। उन्होंने अपने पिता और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उनके पिता की हत्या उनके जीवन का सबसे बड़ा सीखने वाला अनुभव था। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर मैं कभी इस घटना की ओर मुड़ता हूं, तो नरेंद्र मोदी मुझ पर हमला करते हैं।
पिता को याद करके भावुक हुए राहुल गांधी
दरअसल, सोमवार को कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में भारतीय मूल की शिक्षाविद डॉ श्रुति कपिला के साथ बातचीत के दौरान उनसे उनके पिता की पुण्यतिथि के बारे में पूछा गया था। इसका जवाब देते हुए उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मेरे पिता को मारने वाली ताकत ने मुझे बहुत दर्द दिया। एक बेटे के रूप में मैंने अपने पिता को खो दिया, यह बहुत दर्दनाक है, लेकिन फिर मैं इस तथ्य से दूर नहीं हो सकता कि उसी घटना ने मुझे ऐसी चीजें भी सिखाईं जो मैंने कभी नहीं सीखी होतीं।
पीएम मोदी को लेकर दिया बयान
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने इसे दिन-प्रतिदिन की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि अगर मैं कभी इस घटना की ओर मुड़ता हूं, तो नरेंद्र मोदी मुझ पर हमला करते हैं। इस पर मैं कहता हूं कि हे भगवान, वह बहुत शातिर हैं, वह मुझ पर हमला कर रहे हैं। विरोध को देखने का एक ये तरीका है। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि इसे देखने का दूसरा तरीका भी है, वह यह कि मैं उनसे कुछ सीख सकता था। गौरतलब है कि मई 1991 में तमिलनाडु में एक चुनावी रैली के दौरान लिट्टे के आत्मघाती बम विस्फोट में राजीव गांधी की हत्या कर दी दी गई थी।
कई विषयों पर की चर्चा
इस दौरान राहुल गांधी ने भारत को एक राष्ट्र (राज्यों का संघ) कहने को चुनौती दी। उन्होंने भारत की तुलना यूरोप से करते हुए कहा कि फर्क सिर्फ इतना है कि यह केंद्र शासित नहीं है। कॉरपस क्रिस्टी कॉलेज में 'इंडिया एट 75' नामक एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने बड़े पैमाने पर भारतीय मूल के छात्रों के साथ संवाद किया। इस दौरान राहुल गांधी ने हिंदू राष्ट्रवाद, कांग्रेस पार्टी के भीतर गांधी परिवार की भूमिका और देश के लोगों को संगठित करने के प्रयासों जैसे व्यापक विषयों पर चर्चा की।
भारत में धर्मनिरपेक्षता के बारे में एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि "मुझे इस बात से समस्या है कि अगर किसी के पास भारत के लिए विजन है जो ज्यादातर लोगों को बाहर करता है, मुझे परवाह नहीं है कि किसे बाहर रखा जा रहा है। लेकिन मुझे इससे समस्या है क्योंकि यह पूरी तरह से अनुचित है, यह इस बात को नजरअंदाज करता है कि बहिष्कृत किए जा रहे लोगों में जबरदस्त ऊर्जा है, इसलिए मुझे इससे समस्या है क्योंकि भारत ऐसा नहीं है।"
'पीएम मोदी का विजन धर्मनिरपेक्षता से परे'
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह धर्मनिरपेक्षता से परे है। आपको हर एक व्यक्ति को सहानुभूति के साथ अपने विजन में शामिल करना होगा। पीएम मोदी भारत के लिए एक विजन का निर्माण कर रहे हैं जहां वह हमारी आबादी के एक बड़े हिस्से को छोड़ रहे हैं। और यह भारत का विजन नहीं है, यह भारत के एक हिस्से का विजन है।"
यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस हिंदू राष्ट्रवाद की ताकतों के खिलाफ कैसे लड़ने की योजना बना रही है, गांधी ने स्पष्ट किया कि वह इस शब्द से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, इसमें कुछ भी हिंदुत्व नहीं है और वास्तव में इसके बारे में कुछ भी राष्ट्रवादी नहीं है। मुझे लगता है कि आपको उनके लिए एक नया नाम सोचना होगा लेकिन वे निश्चित रूप से हिंदू नहीं हैं। और, मैंने आपको यह बताने के लिए हिंदुत्व का पर्याप्त विस्तार से अध्ययन किया है कि लोगों की हत्या करने और लोगों को पीटने के मामले में हिंदुत्व जैसा कुछ भी नहीं है।"