इंडोनेशिया से अमेरिका और यूरोप भेजे गए निर्यातित माल में रेडियोधर्मी तत्व सीजियम-137 मिलने के बाद देश की सरकार ने बड़े स्तर पर आपराधिक जांच शुरू कर दी है। जूते, झींगा और मसालों जैसे उत्पादों में संदूषण उजागर होने के बाद इंडोनेशिया की साख पर सवाल उठने लगे हैं। संदूषण का मतलब अशुद्धता यानी कुछ अन्य अवांछनीय तत्व की उपस्थिति है जो किसी चीज को शरीर के लिए हानिकारक होते हैं। सरकार ने इसे गंभीर सुरक्षा और स्वास्थ्य मुद्दा मानते हुए उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है, जिनके माल में रेडिएशन की मौजूदगी पाई गई है।
जांच का केंद्र बिंदु जावा द्वीप के बांतन प्रांत स्थित चीकांडे इंडस्ट्रियल एस्टेट में मौजूद मेटल प्रोसेसिंग फैक्ट्री पीटी पीटर मेटल टेक्नोलॉजी है। यह कंपनी स्क्रैप से स्टील रॉड तैयार करती है और माना जा रहा है कि यह चीन की मालिकाना कंपनी है। डच अधिकारियों ने इस साल की शुरुआत में इंडोनेशिया से आए कंटेनरों में रेडिएशन मिलने की रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें स्नीकर्स के बॉक्स संदूषित पाए गए थे। इसके बाद अमेरिका ने भी चेतावनी जारी की और झींगा निर्यात को रोक दिया गया।
अमेरिकी चेतावनी के बाद बढ़ी सख्ती
अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अगस्त में चेतावनी जारी कर अमेरिकियों से कुछ खास इंडोनेशियाई जमे हुए झींगे न खाने की सलाह दी थी। ये झींगे पीटी बहारी मकमूर सजाती के थे, जिसे बीएमएस फूड्स के नाम से जाना जाता है और यह भी चीकांडे औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में शामिल है। जांच में सामने आया कि लगभग 20 फैक्ट्रियां इस संदूषण की चपेट में आई थीं, जो जूते बनाने से लेकर समुद्री उत्पाद प्रसंस्करण तक का काम करती थीं। अधिकारियों ने प्रभावित कंपनियों की गतिविधियों पर सख्त नजर रखनी शुरू कर दी है।
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कर्मचारी भी रेडिएशन की चपेट में आए
जांच के दौरान नौ कर्मचारियों में भी सीजियम-137 के संपर्क में आने के प्रमाण मिले। सभी को जकार्ता के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया। प्रभावित स्थापनाओं को डीकंटैमिनेट कर दिया गया है। हालांकि, जांच को आगे बढ़ाने में बाधा इसलिए आ रही है क्योंकि पीटी पीटर मेटल टेक्नोलॉजी के प्रबंधन के लोग चीन लौट चुके हैं। उद्योग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी सेतिया डियार्टा ने संसदीय समिति को बताया कि कंपनी प्रबंधन के गायब होने से जांच धीमी पड़ी है।
विदेशी माल की एंट्री पर रोक
इंडोनेशिया ने न सिर्फ अपने निर्यात की जांच तेज की है, बल्कि बाहरी देशों से आने वाले संदूषित सामान की एंट्री पर भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। हाल ही में बंदरगाह अधिकारियों ने अंगोला से आए जिंक पाउडर के आठ कंटेनर रोक दिए जो सीज़ियम-137 से दूषित पाए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि इन कंटेनरों को वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी होने तक बंदरगाह पर रोका गया है ताकि कोई संदूषित वस्तु देश में प्रवेश न कर सके।
स्वास्थ्य जोखिम कम, पर जांच जारी
भले ही FDA ने कहा है कि इंडोनेशिया के उत्पादों में मिला रेडिएशन स्वास्थ्य के लिए तत्काल गंभीर खतरा नहीं था, लेकिन लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से जोखिम बढ़ सकता है। इसी आशंका के चलते इंडोनेशियाई सरकार किसी भी प्रकार की ढिलाई से बचना चाहती है। जांच एजेंसियों ने साफ किया है कि वे देश की निर्यात छवि को पुनः सुरक्षित बनाने और संदूषण के स्रोत का पता लगाने के लिए हर कदम उठा रही हैं। मामले ने इंडोनेशिया के औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर भी कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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