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पाकिस्तान संसद में इमरान की गैर-मौजूदगी पर उठे सवाल, विपक्ष हुआ हमलावर

Wed, 13 May 2020 01:57 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

  • कोरोना संकट पर सरकार से जवाब मांगने के लिए बुलाया गया सत्र
  • पीपीपी ने किया इमरान पर तीखा हमला, बताया कोरोना से जंग में पूरी तरह नाकाम
  • विदेश मंत्री कुरैशी ने दी सफाई. सरकार दिन रात संकट से लड़ने में जुटी है
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sherry rehman - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पाकिस्तान में कोरोना को लेकर चर्चा करने के लिए बुलाए गए संसद के विशेष सत्र से प्रधानमंत्री इमरान खान की गैर मौजूदगी ने उन्हें विपक्ष के कटघरे में ला खड़ा किया। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता शेरी रहमान ने कहा कि प्रधानमंत्री का ऐसे अहम मौकों पर संसद के दोनों सदनों से नदारद रहना ये गंभीर सवाल उठाता है कि आखिर देश कौन चला रहा है और पीएम कहां गायब हैं।

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विपक्ष के तीखे तेवर को देखते हुए विदेश मंत्री शाम महमूद कुरैशी को जवाब देना पड़ा। कुरैशी ने कहा कि पीएम रात दिन कोरोना से जंग जीतने के लिए मेहनत कर रहे हैं और वो अभी इस्लामाबाद में ही हैं।

विपक्ष के लगातार दबाव बनाने के बाद कोरोना को लेकर आए संकट के दौरान सरकार से सवाल पूछने के लिए बुलाए गए सीनेट और नेशनल एसेंबली के इस विशेष सत्र में विपक्ष बेहद हमलावर नजर आया।
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शेरी ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों में लगातार उहापोह और अनिश्चितता की स्थिति बना कर रख रही है और उसके पास इस महामारी से लड़ने और खासकर आम लोगों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।

उन्होंने कहा कि इमरान खान बार-बार अमेरिका, इंग्लैंड और इटली का उदाहरण क्यों देते हैं, क्यों नहीं वह अपने देश की जनता की बात करते हैं और क्यों नहीं वह इटली या किसी बाहर के देशों की गलतियों से कुछ सीखकर ठोस कदम उठाते हैं।

पाकिस्तान के तमाम प्रांतों को उनके हाल पर छोड़ देने और बार-बार उनकी स्वायत्तता की बात करने पर नाराजगी जताते हुए शेरी ने कहा कि प्रशासनिक मामलों में प्रांतों की स्वायत्तता की बात तो ठीक है, लेकिन ऐसे संकट की घड़ी में क्या सरकार की अपने प्रांतों को लेकर कोई जिम्मेदारी नहीं है। क्या हमारे प्रांत कोई अलग देश हैं।

सीनेट में शाह महमूद कुरैशी ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज करते हुए जवाब दिया कि ये कहना सरासर गलत है कि सरकार की कोई साझा नीति नहीं है या प्रांतों को लेकर हमारी जवाबदेही नहीं है।

प्रधानमंत्री तमाम सूबों के मुख्यमंत्रियों से लगातार बात करते हैं, उनकी हर जरूरतों में उनके साथ खड़े हैं। लॉकडाउन हटाने के प्रधानमंत्री के फैसले की निंदा करने वालों को कुरैशी ने जवाब दिया कि किसी भी समस्या का समाधान लॉकडाउन नहीं है और देश को पटरी पर लाने के लिए इसे धीरे धीरे खोलना बेहद जरूरी है।

संसद के सत्र को देर से बुलाए जाने के आरोपों पर भी कुरैशी ने पीपीपी को ही जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जो लोग ये आरोप लगा रहे हैं, पहले वो अपनी पार्टी में सहमति बना लें।

सरकार तो किसी भी समय सत्र बुलाने को तैयार रही है, लेकिन विपक्ष और खासकर पीपीपी में ही इसे लेकर आपसी सहमति नहीं बनीं और जो ये सवाल उठा रही हैं, वो खुद भी इसके लिए तैयार नहीं थीं। 
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