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इस्राइल: चुनाव में दखल के आरोपों पर कतर का पलटवार, कहा- अपनी नाकामी छिपाने के लिए हमें बना रहे बलि का बकरा

Thu, 29 Oct 2026 07:37 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा

सार

इस्राइल के चुनाव में कथित विदेशी दखल और अरब पार्टियों को धन देने के आरोपों पर कतर ने सख्त जवाब दिया है। कतर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसे इस्राइली नेताओं की राजनीतिक नाकामियों का बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उधर, शिन बेट मामले की जांच कर रही है। क्या जांच में विदेशी दखल के सबूत मिलेंगे? क्या इस विवाद से इस्राइल में सरकार गठन प्रभावित होगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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इस्राइल में अरब पार्टियों के नेताओं की गिरफ्तारी की मांग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कतर ने इस्राइल के हालिया चुनाव में दखल देने और अरब पार्टियों को प्रभावित करने के लिए धन मुहैया कराने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कतर ने कहा कि इस्राइल के कुछ नेता घरेलू राजनीति में अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए उसका नाम इस्तेमाल कर रहे हैं। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब इस्राइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने विदेशी दखल के आरोपों की जांच शुरू की है। इस विवाद से इस्राइल में नई सरकार के गठन की संभावनाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है।

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कतर ने इस्राइल के चुनाव में दखल के आरोपों पर क्या कहा?
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उनका देश इस्राइल के चुनाव में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करता। उन्होंने चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए धन देने के आरोपों को भी खारिज किया। अल-अंसारी ने कहा कि कुछ इस्राइली नेता और उनसे जुड़े मीडिया संस्थान कतर को वहां के राजनीतिक विवादों में घसीटने के लिए गलत जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने इन आरोपों को बेतुका और खतरनाक बताया। कतर ने कहा कि वह अपने नाम का इस्तेमाल घरेलू राजनीतिक फायदे के लिए किए जाने को स्वीकार नहीं करेगा।

कतर ने इस्राइली नेताओं पर निशाना क्यों साधा?
माजिद अल-अंसारी ने कहा कि इस्राइल के अलग-अलग राजनीतिक गुट कतर पर तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कभी कतर पर बेंजामिन नेतन्याहू को खरीदने, कभी इस्राइल के वामपंथी राजनीतिक गुटों और अब अरब मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन सभी आरोपों को सही मान लिया जाए, तो ऐसा लगेगा जैसे कतर पूरे इस्राइल को नियंत्रित करता है। प्रवक्ता ने कहा कि इस्राइली नेताओं को कतर पर आरोप लगाने के बजाय अपने मतदाताओं की समस्याओं, लोगों के जीवन स्तर और क्षेत्र में हुए नुकसान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कतर को राजनीतिक नाकामियों का बलि का बकरा बनाने का विरोध किया।
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इस्राइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट किस मामले की जांच कर रही है?
इस्राइल में शिन बेट को चुनाव में कतर के कथित प्रभाव और विदेशी धन के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच सौंपी गई है। एजेंसी से एक सप्ताह के भीतर अपनी जांच के निष्कर्ष देने को कहा गया है। इस्राइल के मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस विवाद को भूकंप जैसा बताया और आरोप लगाया कि विदेशी पक्षों ने अरब पार्टियों के पक्ष में चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि यहूदी राष्ट्रवादी दलों को राअम और जॉइंट लिस्ट के साथ सहयोग नहीं करना चाहिए। हालांकि, कतर ने चुनाव में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। फिलहाल इन आरोपों की जांच जारी है।

इतामार बेन ग्विर ने क्या मांग की और सरकार गठन पर इसका क्या असर पड़ सकता है?
इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री और ओत्जमा येहुदित पार्टी के प्रमुख इतामार बेन ग्विर ने अरब पार्टियों के नेताओं को गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिन बेट को कतर से कथित तौर पर जुड़े धन के मामले में संदिग्ध अरब पार्टी नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी आधार होने पर कार्रवाई करनी चाहिए। इस जांच का असर अरब पार्टियों और आइजेनकोट के नेतृत्व वाले राजनीतिक गुट के बीच संभावित सहयोग पर पड़ सकता है। इससे सरकार बनाने की कोशिशें और जटिल होने की आशंका है। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग जिस भी पक्ष को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे, उसके सामने गठबंधन बनाने की चुनौती होगी।

फलस्तीन के मुद्दे पर कतर ने इस्राइल की भावी सरकार से क्या कहा?
कतर ने स्पष्ट किया कि चुनाव में दखल के आरोपों से उसका क्षेत्रीय कूटनीतिक और मानवीय काम प्रभावित नहीं होगा। अल-अंसारी ने कहा कि कतर मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहेगा और फलस्तीनी लोगों का समर्थन जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि इस्राइल में बनने वाली किसी भी सरकार को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के संबंधित प्रस्तावों का पालन करना चाहिए। कतर ने फलस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार और 1967 की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र फलस्तीनी देश की स्थापना का समर्थन दोहराया, जिसकी राजधानी पूर्वी यरूशलम हो। कतर ने कहा कि वह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर कूटनीति के जरिए संघर्षों का समाधान खोजने और स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिश जारी रखेगा।

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