व्लादिमीर पुतिन, रूसी राष्ट्रपति
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यदि यूक्रेन की राजधानी कीव अलास्का में हुए समझौतों के आधार पर समझौता स्वीकार कर ले, तो यूक्रेन संघर्ष जल्दी समाप्त हो सकता है। उन्होंने यह बयान गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान दिया, जिसमें भारतीय एजेंसी भी शामिल थी। पुतिन के इस बयान को रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए यूक्रेन की सहमति अनिवार्य है।
कीव के समझौते पर निर्भर है युद्ध का अंत
पुतिन ने कहा कि रूस शांति और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन कीव को भी जरूरी समझौते स्वीकार करने होंगे। उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष सहमत होते हैं, तो यह युद्ध तेजी से समाप्त हो सकता है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अलास्का में हुई चर्चाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि रूस उन समझौतों के आधार पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
यूरोपीय संघ की मध्यस्थता पर सवाल
रूसी राष्ट्रपति ने यूरोपीय संघ देशों की मध्यस्थ भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो देश वर्षों से रूस को रणनीतिक रूप से हराने की बात करते रहे हैं, उन पर भरोसा करना कठिन है। पुतिन ने सुझाव दिया कि यूरोपीय संघ को हथियार भेजने के बजाय यूक्रेन को बातचीत और समझौते के लिए प्रेरित करना चाहिए। पुतिन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की राजनीतिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनका राष्ट्रपति कार्यकाल समाप्त हो चुका है और इस मुद्दे पर चुनाव या अन्य संवैधानिक प्रक्रियाओं पर चर्चा होनी चाहिए।
रूस की सैन्य तैयारी और एयर डिफेंस
पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को उन्नत ड्रोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे रूस की सुरक्षा चुनौती बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि रूस अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को और मजबूत कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस अपने नए हथियार सिस्टम को लगातार जोड़ रहा है, जिसमें ओरेश्निक जैसी प्रणालियां शामिल हैं। पुतिन ने यह भी दावा किया कि हाल ही में किए गए कुछ सैन्य ऑपरेशन जानबूझकर ऐसे क्षेत्रों में किए गए जहां परिणामों का आकलन किया जा सके।