रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि उनके देश ने अपनी नई हाइपरसोनिक मिसाइल 'ओरेशनिक' का उत्पादन शुरू कर दिया है और इस साल के अंत तक इसे सहयोगी देश बेलारूस में तैनात किया जाएगा। पुतिन ने यह बात उस समय कही, जब वह सेंट पीटर्सबर्ग के पास वलाम द्वीप पर बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के साथ बैठे हुए थे।
राष्ट्रपति पुतिन ने बताया कि रूसी सेना ने पहले ही ओरेशनिक मिसाइलों की तैनाती के लिए बेलारूस में जगह तय कर ली है। उन्होंने कहा, अभी तैयारी चल रही है और शायद यह काम साल के खत्म होने से पहले पूरा हो जाएगा। पुतिन ने यह भी कहा कि ओरेशनिक मिसाइलों की पहली खेप तैयार कर ली गई है और उन्हें अब सेना में शामिल किया जा चुका है।
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रूस ने इस मिसाइल का इस्तेमाल पहली बार नवंबर में यूक्रेन के खिलाफ किया था। इसे यूक्रेन के शहर निप्रो में एक मिसाइल फैक्ट्री पर दागा गया था। यह फैक्ट्री सोवियत संघ के समय से मिसाइल बनाती थी। पुतिन ने ओरेशनिक की क्षमताओं की तारीफ करते हुए कहा कि इसके कई वॉरहेड्स को रोकना असंभव है, क्योंकि वे एक साथ अत्यधिक तेज गति से गिरते हैं। उन्होंने कहा कि यदि एक साथ कई मिसाइलें दागी जाएं, तो ये पारंपरिक हमले भी परमाणु हमले जैसे विनाशकारी हो सकते हैं।
पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेतावनी दी कि अगर नाटो के सदस्य देश यूक्रेन को रूस के भीतर हमला करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइलें देते हैं, तो रूस इस मिसाइल का उपयोग उनके खिलाफ कर सकता है। रूसी सेना के मिसाइलों को नियंत्रित करने वाले विभाग के प्रमुख ने कहा है कि ओरेशनिक मिसाइल पारंपरिक और परमाणु वॉरहेड दोनों ले जाने में सक्षम है और इसकी रेंज इतनी है कि यह पूरे यूरोप को निशाना बना सकती है। इस तरह की मिसाइलें 500 से 5,500 किलोमीटर तक की दूरी तक पहुंच सकती हैं। इन पर पहले एक संधि के तहत प्रतिबंध था, लेकिन अमेरिका और रूस ने 2019 में यह संधि खत्म कर दी थी।
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पिछले साल पुतिन और लुकाशेंको ने एक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें रूस ने बेलारूस को सुरक्षा देने और जरूरत पड़ने पर परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की बात कही थी। यह समझौता तब हुआ जब रूस ने अपने परमाणु सिद्धांत में बदलाव किया और पहली बार बेलारूस को अपने परमाणु सुरक्षा कवच के तहत शामिल किया।
लुकाशेंको पिछले 30 वर्षों से बेलारूस पर शासन कर रहे हैं और क्रेमलिन की आर्थिक और राजनीतिक मदद पर निर्भर हैं। उन्होंने 2022 में रूस को बेलारूस की जमीन से यूक्रेन पर हमला करने की अनुमति दी थी और अब कुछ रूसी परमाणु हथियार भी अपने देश में रखे हैं। हालांकि, रूस ने अब तक इन हथियारों की संख्या नहीं बताई है। लेकिन लुकाशेंको ने दिसंबर में कहा था कि बेलारूस के पास अब कई दर्जन ऐसे हथियार हैं।
बेलारूस की 1,084 किलोमीटर लंबी सीमा यूक्रेन से लगती है, जिससे रूस यदि चाहे तो वहां से अपने हवाई जहाजों और मिसाइलों के जरिए यूक्रेन और पूर्वी यूरोप में नाटो देशों पर तेजी से हमला कर सकता है। पिछले साल पुतिन ने एक परमाणु सिद्धांत को मंजूरी दी, जिसमें कहा गया है कि रूस परमाणु हथियार तब भी इस्तेमाल कर सकता है जब उस पर या उसके सहयोगियों पर परमाणु या अन्य विनाशकारी हथियारों से हमला किया जाए या फिर पारंपरिक हथियारों से रूस या बेलारूस की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को खतरा हो।