पुतिन ने सरोव शहर में परमाणु उद्योग के श्रमिकों के साथ एक बैठक के दौरान कहा कि जहां तक संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हमारे संबंधों का प्रश्न है, वे काफी खराब रहे हैं। मैंने यह बात कई बार कही है। हालांकि अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद उम्मीद की किरण नजर आने लगी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अमेरिका और रूस के संबंध बेहतर होने को लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध अच्छे होने की उम्मीद नजर आ रही है। दोनों ही देश आर्कटिक और अलास्का में परियोजनाओं पर सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
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पुतिन ने सोवियत परमाणु कार्यक्रम वाले सरोव शहर में परमाणु उद्योग के श्रमिकों के साथ एक बैठक के दौरान कहा कि जहां तक संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हमारे संबंधों का प्रश्न है, वे काफी खराब रहे हैं। मैंने यह बात कई बार कही है। हालांकि अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद उम्मीद की किरण नजर आने लगी है।
पुतिन ने कहा कि रूस और अमेरिका आर्कटिक और अलास्का में मिलकर काम करने की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे देश हैं जो बिना संप्रभुता के आसानी से अस्तित्व में रह सकते हैं। आज पूरे पश्चिमी यूरोप में वास्तव में कोई संप्रभुता नहीं है। ऐसे कई अन्य देश भी हैं जो इसे लेकर सहज हैं। हालांकि, यह रूस के लिए नहीं है। अगर रूस अपनी संप्रभुता खो देता है, तो उसका वर्तमान स्वरूप समाप्त हो जाएगा।
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उन्होंने देश की परमाणु सुरक्षा में लगे रूसी परमाणु वैज्ञानिकों की भूमिका की सराहना की। इसके तहत देश ने शांतिपूर्ण तकनीक हासिल किया। पुतिन ने कहा कि परमाणु उद्योग हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बना हुआ है। रूस के अगली बड़ी चुनौती एआई है। हमें एआई आधारित तकनीक में आगे रहने पर काम करना होगा।
इससे पहले पुतिन ने 15 अगस्त को अलास्का शिखर सम्मेलन के बाद ट्रंप के इस दावे का समर्थन किया था कि यदि वह व्हाइट हाउस में होते तो यूक्रेन युद्ध शुरू नहीं होता। शिखर सम्मेलन से पहले रूसी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगियों से कहा था कि ट्रंप यूक्रेन संकट को समाप्त करने के लिए गंभीर हैं और रूस को उनके प्रशासन के साथ मिलकर काम करना चाहिए।