Putin-Trump Talks: पश्चिम एशिया में संघर्षविराम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दूसरे पर फोन पर बातचीत की है। क्रेमलिन के अनुसार, दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने करीब 90 मिनट तक फोन पर चर्चा की है। वहीं, ट्रंप ने पुतिन से फोन पर हुई बातचीत के बाद यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा संकेत दिया है। ट्रंप ने कहा कि युद्ध में जल्द युद्धविराम की संभावना बन सकती है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 90 मिनट से अधिक समय तक फोन पर बातचीत हुई है। ये जानकारी क्रेमलिन की तरफ से साझा की है। रिपोर्ट्स की मानें तो रूसी राष्ट्रपति ने ईरान परमाणु समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति को सुझाव दिए हैं। वहीं, कुछ घंटे बाद प्रेस को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के साथ चल रही जंग को खत्म करना चाहते हैं।
पुतिन से बातचीत और यूक्रेन युद्ध
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी बातचीत पर ट्रंप ने बताया कि दोनों नेताओं ने मुख्य रूप से रूस-यूक्रेन जंग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुतिन इस युद्ध को खत्म करने में मदद करना चाहते हैं। ट्रंप के अनुसार, उन्होंने पुतिन से साफ कहा कि पहले वह अपना युद्ध खत्म करें, उसके बाद ही किसी और मदद की बात हो सकती है।
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पुतिन पहले ही समझौते के लिए तैयार थे- ट्रंप
इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही समझौते के लिए तैयार थे, लेकिन कुछ लोगों ने इसमें बाधा डाली। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वे लोग कौन हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब दोनों देशों के बीच कोई समाधान जल्दी निकल सकता है। फिलहाल, दोनों नेताओं की इस बातचीत के बारे में अभी तक रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन की तरफ से विस्तार से कुछ नहीं बताया गया है।
पहले अपना युद्ध खत्म करो- ट्रंप का साफ संदेश
ट्रंप ने बताया कि बातचीत के दौरान पुतिन ने अन्य वैश्विक मुद्दों, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम में मदद की पेशकश की। लेकिन ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, 'पहले आप अपना युद्ध खत्म करें, उसके बाद ही आप मेरी मदद करें।' इस बयान से साफ है कि अमेरिका फिलहाल यूक्रेन युद्ध को प्राथमिकता दे रहा है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख
ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में उसे परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं देगा। उन्होंने दावा किया कि हाल के सैन्य ऑपरेशनों में ईरान की नौसेना, वायुसेना और वायु रक्षा प्रणाली को काफी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस भी नहीं चाहता कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करे।
रूस-ईरान संबंध और कूटनीतिक हलचल
इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में रूस का समर्थन करने के लिए पुतिन का धन्यवाद किया और दोनों देशों के रिश्तों को 'रणनीतिक साझेदारी' बताया। इससे साफ है कि वैश्विक स्तर पर कई देशों के बीच नई कूटनीतिक चालें चल रही हैं।