जानकारों ने कहा है कि प्राउड ब्वॉयज से जुड़े रहे कुछ समूह संभवतः अभी इस नाम का इस्तेमाल करेंगे। लेकिन आशंका है कि बाद में वे अलग नाम से काम करेंगे और अधिक उग्रवादी नजरिया अपना लेंगे। ऐसी खबर है कि प्राउड ब्वॉयज के कुछ सदस्य नव-नाजी आतंकवादी गुट द बेस में शामिल हो गए हैं। विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि अपने मकसद के लिए अधिक कटिबद्ध सदस्य इसी तरह अधिक चरमपंथी समूहों में शामिल हो जाएंगे, जबकि हो सकता है कि कुछ सदस्य निष्क्रिय हो जाएं।
प्रतिबंधों का बुरा असर पड़ा
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक छह जनवरी के बाद फेसबुक, ट्विटर, एपल, गूगल और अमेजन जैसी बड़ी टेक कंपनियों की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों का धुर-दक्षिणपंथी गुटों पर बुरा असर पड़ा है। ये गुट इन्हीं माध्यमों से अपने सदस्यों से संपर्क करते थे और अपने नफरत भरे संदेश फैलाते थे। लेकिन इन प्लैटफॉर्म्स ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप, उनके समर्थक गुटों और उनके लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पार्लर को प्रतिबंधित कर दिया। इससे इन गुटों के लिए अब ऑनलाइन संदेश फैलाना कठिन हो गया है। छह जनवरी की घटना के बाद अमेरिकी समाज में ऐसे समूहों को लेकर विरोध भाव भी बढ़ा है। इसका नुकसान भी उन्हें हो रहा है।
विशेषज्ञों ने कहा है कि इन नए हालात से देश में ध्रुवीकरण घटने की संभावना नहीं है। बल्कि आशंका यह है कि कटिबद्ध चरमपंथी और ज्यादा कट्टर हो जाएंगे। दक्षिणपंथी बुद्धिजीवी अभी जो बाइडन प्रशासन की वैधता पर सवाल उठा रहे हैं और उसके खिलाफ माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। लुइजियाना स्टेट यूनिवर्सिटी में समाज-शास्त्र के प्रोफेसर मैथ्यू वालासिक और यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलाइना में आपराधिक न्याय एवं अपराध विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर शेनॉन रीड ने लिखा है- ‘हम और अन्य पर्यवेक्षक ऐसी संभावना देख रहे हैं कि चरमपंथी छह जनवरी की घटना को आधुनिक गृह युद्ध की शुरुआती झड़प के रूप में देखेंगे। वे अमेरिकी लोकतंत्र को खत्म करने और एक ऐसे नए समाज की शुरुआत करने की कोशिश जारी रखेंगे, जिसमें आव्रजकों, यहूदियों, अश्वेतों, समलैंगिक- ट्रांसजेंडर लोगों और बहुसंस्कृति की अहमियत बताने वाले लोगों के लिए कोई जगह ना हो। हमारा अनुमान है कि ये समूह अधिक से अधिक चरम दक्षिणपंथी होते जाएंगे, जिनसे बड़ी या छोटी हिंसा का खतरा बना रहेगा।’
विशेषज्ञों के मुताबिक ट्रंप जब राष्ट्रपति थे, तो धुर-दक्षिणपंथी समूहों में ये भाव था कि देश की सत्ता दोस्ताना हाथों में है। जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद अब उनमें पुलिस को दुश्मन मानने का भाव बढ़ेगा। इससे वे अधिक हिंसक तैयारी करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।