नए प्रत्यर्पण कानून का विरोध करते लोग (फाइल फोटो)
- फोटो : हांगकांग फ्री प्रेस
हांगकांग पर चीन के नए प्रस्तावित प्रत्यर्पण कानून का विरोध यहां चार दिन से जारी है। हजारों की संख्या में सड़क पर उतर कर विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने इस कानून को वापस लेने के लिए बुधवार सुबह सात बजे तक का समय दिया था। समय सीमा बीतते ही 50 हजार से भी ज्यादा संख्या में लोग काले कपड़े पहनकर फिर सड़कों पर आ गए।
विरोध प्रदर्शन के चलते करीब 12 घंटे तक जाम बना रहा। वहीं प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने उनपर रबर की गोलियों की बरसात कर दी, आंसू गैस के गोले छोड़ और मिर्च के स्प्रे का इस्तेमाल किया। जवाब में लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की। पुलिस की इस कार्रवाई में 79 लोग घायल हो गए, इनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
इस कानून का विरोध इसलिए किया जा रहा है क्योंकि, इसके जरिेये चीन को हांगकांग से संदिग्ध लोगों को प्रत्यर्पित करना आसान हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून के जरिये चीन हांगकांग के प्रमुख सरकारी अधिकारियों पर भी शिकंजा कसना चाहता है। नया प्रत्यर्पण कानून हांगकांग की स्वतंत्रता पर खतरा बन सकता है। बता दें कि बीजिंग हांगकांग में उन लोगों पर लगाम लगाना चाहता है, जो पूर्ण लोकतंत्र और मौलिक अधिकारों की मांग को लेकर चीन के खिलाफ अक्सर प्रदर्शन करते रहे हैं।