प्रत्यर्पण बिल के विरोध में प्रदर्शन करते लोग
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देश में विवादित प्रत्यर्पण विधेयक के खिलाफ लंबे समय से जारी प्रदर्शन तीसरी बार हिंसक हो गया। विधेयक की वापसी के बाद भी गुस्साए नागरिक चीन और उसकी समर्थक कार्यकारी अधिकारी कैरी लेम का लगातार विरोध कर रहे हैं। रविवार को हांगकांग के शॉ टिन जिले में विरोध के लिए जमे प्रदर्शनकारियों को सड़कों से हटाने की कोशिश में भड़की हिंसा में 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हांगकांग के एक रेडियो के मुताबिक पुलिस द्वारा जब प्रदर्शनकारियों को सड़कों से हटाया जा रहा था तभी न्यू टाउन प्लाजा शॉपिंग मॉल में झड़पें शुरू हो गईं। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी भी घायल हो गए। पुलिस कार्रवाई में 37 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बैटन और मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल भी किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथ जो भी लगा पुलिस पर फेंकना शुरू कर दिया गया। इस बीच हांगकांग की नेता और सीईओ कैरी लेम ने कहा कि ताजा झड़पों के दौरान प्रदर्शनकारियों को दंगाई भी कहा जा सकता है। लेम ने यह टिप्पणी एक अस्पताल में की जहां घायल हुए तीन पुलिस अधिकारियों का इलाज चल रहा है।
अब हालात अब बिगड़ने लगे हैं : पुलिस
हांगकांग के सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने जानबूझकर सड़कें बंद कर पुलिसकर्मियों पर हमला किया। विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के पुलिस प्रधान लू वेइत्सोंग ने कहा, ‘बीते एक महीने में हांगकांग पुलिस ने संयम बरता है लेकिन अब हालात बिगड़ रहे हैं। हम हमेशा के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन को स्वीकार करते हैं, ताकि नागरिक अपने मत प्रकट कर सकें। लेकिन आजकल स्थिति बहुत खराब हो गई है।’