एशियाई मूल के आठ लोगों की हत्या समेत एशियन-अमेरिकन लोगों पर हमलों के विरोध में कई अमेरिकी शहरों में शनिवार को भारी संख्या में नागरिक सड़कों पर उतर आए।
इस दौरान पोस्टर लेकर ‘वायरस नहीं हैं एशियन’, ‘एशियन लोगों से नफरत खत्म करो’, और ‘आइए, साथ शोक मनाएंगे, जख्म भरेंगे, मदद करेंगे’, जैसे नारे लगाते हुए नागरिकों ने नफरत खत्म करने की अपील की। जॉर्जिया की राजधानी अटलांटा के अलावा ह्यूस्टन, न्यूयॉर्क सिटी, शिकागो, पिट्सबर्ग, सेन फ्रांसिस्को, बोइस, इदाहो आदि में भी प्रदर्शन हुए।
अटलांटा में लोगों ने पीड़ितों को न्याय दिलाने और नस्लवाद खत्म करने की मांग की। यहां लिबर्टी प्लाजा पर सभी उम्र व नस्लों के लोग जमा हुए, सांसदों व राजनेताओं ने भी मौजूद रहकर उन्हें समर्थन दिया। सीनेटर रफल वारनॉक ने खुद को ‘एशियाई भाई-बहनों के साथ खड़ा’ बताया। जॉर्जिया में पहली वियतनामी-अमेरिकी विधायक बी ग्यूयेन ने इस प्रकार के अपराधों के लिए कानून बनाने की मांग की।
शिकागो में वर्चुअल कॉन्फ्रेंस
शिकागो में कई सरकारी एजेंसियों ने वर्चुअल कॉन्फ्रेंस की, जिसमें नस्लीय हिंसा व एशियाई लोगों की हत्या का विरोध किया गया। वहीं महिलाओं ने शांति सभा आयोजित की। इनमें ढाई सौ लोग जमा हुए। कड़वाहट खत्म करने से जुड़े चीनी संस्कृति के संदेश लिखे थे। आयोजकों ने बताया कि कोरियाई, चीनी, जापानी आदि एशियाई लोगों में आपसी कटुता रही है, लेकिन लोगों ने अमेरिका में इसे भुलाकर जीना सीखा है।
मैनहटन : न्यूयॉर्क सिटी के टाइम्स स्क्वायर पर लोग जमा हुए और मैनहैटन में एशियाई समुदायों की आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचे। एक अन्य आयोजन में सैकड़ों लोगों ने मैनहैटन में सफेद कपड़े पहन मोमबत्तियां जलाईं और शांति प्रार्थना की।
सैन फ्रांसिस्को : यहां के चाइनाटाउन में लोग बड़ी संख्या में बच्चों को लेकर पहुंचे। बच्चों ने सड़क के किनारों पर तितलियां बनाईं। इन पर मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट की गई।
इन शहरों में भी प्रदर्शन
ऑकलैंड : कैलिफोर्निया के इस सबसे बड़े शहर में हुए प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए। फिल्म कलाकार सेंड्रा ओ ने एशियाई समुदाय से हिंसा रोकने की मांग की। नागरिकों ने रैली निकाल कर कानून बनाने की मांग की।