मेरी उम्र बीस साल है और मैं गुजरांवाला की हूं। हमारे पड़ोसी के जरिए हमारे घर चीनी लड़के का रिश्ता आया था। उन्होंने मेरे घरवालों को चीनी लड़के की तस्वीरें दिखाईं और कहा कि अगर लड़के को आपकी लड़की पसंद आ गई तो उसकी जिंदगी बदल जाएगी।
मेरी जिंदगी सच में बदल गई। मेरी शादी 24 सितंबर को ली ताओ के साथ की गई। पहले मुझे एक महीने के लिए इस्लामाबाद में रखा गया। वहां मेरे अलावा तीन और लड़कियां थीं। मेरा वीचैट पर अकाउंट भी बनाया गया लेकिन मेरा पति उसे इस्तेमाल करता था। दस्तावेज बनते ही हम चीन चले गए।
हवाई जहाज, ट्रेन और कार के तीन दिन के सफर के बाद हम शंघाई के पास के शहर जियांगशू पहुंचे। ली ताओ के घर में एक कमरा और लाउंज था। पूरे घर में एक ही वॉशरूम था।
ली ताओ ने मुझे एक महिला से मिलवाया और बताया कि वो उनकी मां हैं। वो हमारे साथ ही रहती थी लेकिन ज्यादा बात नहीं करती थीं। वो टूटी-फूटी अंग्रेजी जानता था और मुझे भी टूटी फूटी अंग्रेजी आती थी तो बस बहुत कम ही बात हो पाती थी।
शादी के कुछ ही दिन बाद मेरा पति रोज शाम को नशे में धुत्त घर आता और जबरदस्ती संबंध बनाने करने की मांग करता। मुझे ऐसा लगता जैसे मैं उसकी खरीदी हुई कोई चीज हूं जिसको वो जैसे चाहे इस्तेमाल करना चाहता है। मैं उसको मना करती तो वो मुझे मारता पीटता था।
मेरे माता पिता को बताया गया था कि लड़का सीपैक में नौकरी करता है। वहां जाकर पता चला कि वो एक कंप्यूटर इंजीनियर हैं। कहां कंप्यूटर इंजीनियर है ये नहीं पता चल सका।
मैं कुछ ही दिन में चीन में रहने वाली बाकी लड़कियों से बात करने लगी। मैं नानजिंग में रहने वाली एक लड़की को पहले से जानती थी। उसने मुझे बताया कि कुछ भी हो, उसके साथ कहीं बाहर मत जाना। उसके पति ने उसे एक डांस बार ले जाकर अपने दोस्तों के साथ छोड़ दिया था। वो बहुत चीखी चिल्लाई लेकिन कोई भी उसे बचाने नहीं आया।
मुझे ये बातें सुनकर डर जरूर लगा लेकिन अब तक मेरे पति ने मुझे अपने किसी दोस्त से नहीं मिलवाया था। तो मैं खुद को तसल्ली देती रही। फिर एक दिन ली ताओ मुझे कुछ लोगों से मिलाने बाहर ले गया। वो फैक्ट्री जैसी जगह थी जहां सिर्फ मर्द थे। सब मुझे घूर रहे थे।
मैंने उससे पूछा कि हम यहां क्यों आए हैं लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। मैंने उससे गाड़ी की चाबी छीन कर खुद को गाड़ी में बंद कर लिया। तमाशा तो बना और समय भी बहुत बर्बाद हुआ लेकिन वो मुझे वहां से घर ले आया।
घर आकर उसने मुझे खूब मारा पीटा और मुझसे मेरा फोन छीन लिया। उसने मेरा वीचैट का अकाउंट भी डिलीट कर दिया। मेरा पासपोर्ट, पहचान पत्र, शादी का सर्टिफिकेट सब उसके पास था। उस रात मैंने अपनी नस काटने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सकी। मेरे जिस्म में इतना ख़ून ही नहीं था क्योंकि मैं तीन-तीन दिन तक खाना नहीं खाती थी।
इस घटना के दूसरे दिन मेरा पति मेरे लिए कॉर्न और मशरूम का सूप लेकर आया। लेकिन उसके पीने के बाद मैं रात में किसी वक्त उठी और मेरे सिर में बहुत तेज दर्द था। शायद मुझे नींद की गोलियां दी गईं थीं क्योंकि मैं बहुत चीख पुकार करती थी।
एक दिन हिम्मत करके मैंने स्थानीय पुलिस को फोन किया। पुलिस ने कहा कि अब चीन आपका घर है जो भी परेशानी है हमें बताएं हम हल करेंगे। मैंने कहा कि मेरे पति ने मेरा फोन और सारे दस्तावेज छीन लिए हैं वो मुझे दिला दें। मैंने उनसे कहा कि अगर मेरी मदद नहीं की गई तो मैं आगे शिकायत करूंगी या अपनी जान दे दूंगी। पुलिस ने मेरे पति से कहा कि मेरे सारे दस्तावेज लौटा दे।
मैंने दस्तावेज मिलने के तुरंत बाद अपने परिजनों को जानकारी दी और उन्होंने चीन में पाकिस्तान के दूतावास से संपर्क किया। फिर मेरे पिता ने पाकितान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी तक को पत्र लिख दिया।
इस पूरे मामले में पांच महीने लग गए और मुझे वापस भेज दिया गया। मैं एक महीना पहले ही अपने घर वापस लौटी हूं। मेरे साथ जो होना था वो हो गया। मैंने अब बताने की हिम्मत इसलिए की क्योंकि अब लड़कियां सामने आ रही हैं और शिकायतें भी दर्ज करा रही हैं। इससे ये होगा कि और लड़कियां वहां नहीं जाएंगी।
मैं लाहौर की रहने वाली हूं। मैं मुसलमान हूं और हमारे घर में मजहब को बहुत महत्व दिया जाता है। इसलिए जब हमारे इलाके के मदरसे के प्रबंधक ने मेरे घर पर रिश्ते के लिए संपर्क किया तो मेरे घर वाले मान गए क्योंकि मदरसे के प्रबंधन ने कहा था कि उन्होंने कई लड़कियों की चीन के नागरिकों से शादी करवाई है और सब बहुत खुश हैं।
मुझे एक महीने तक पाकिस्तान में ही रखा गया था। वहां और भी कई लड़कियां थीं। सभी लड़कियां मेरी तरह ही गरीब परिवारों से ही थीं। कुछ मुसलमान जबकि ज्यादातर ईसाई थीं। सबको अच्छे जीवन की उम्मीद थी।
पाकिस्तान में तो हमें बहुत से सब्जबाग दिखाए गए, मगर जब एक महीने बाद चीन पहुंचे तो हालात एकदम बदलना शुरू हो गए। मुझे बीजिंग के पास सानचा नाम के एक गांव में ले जाया गया। जिस जगह पर रखा गया वो एक गुफा थी जिसमें एक कमरा था। वहां रसोई या वॉशरूम नहीं था।
जब मैंने शोर मचाया तो मेरे पति ने मेरे मुंह पर जोरदार थप्पड़ मारा और कहा कि हम तुम्हें खरीद कर लाए हैं। तुम कोई मांग नहीं कर सकती और ना ही इसका हक रखती हो।
यहां मुझे पता चला कि मेरे पति का तो कोई मजहब ही नहीं है। जब मैं नमाज पढ़ने की कोशिश करती तो वो मेरा मजाक उड़ाता था। मैंने एक बार हिम्मत करके उससे पूछ लिया कि मुसलमान होने का सर्टिफिकेट कैसे मिला तो उसने बताया कि पैसे देकर खरीदा था।
वहां पहुंचने के तीसरे दिन शराब के नशे में धुत्त लोग आए और मेरे पति ने मुझसे उनके साथ जाने के लिए कहा। मैंने मना किया तो उसने वहीं उनके सामने ही मुझे मारा-पीटा। मैं बेहोश हो गई और फिर पता नहीं कि कितनी देर बाद मुझे होश आया।
उसके बाद तो ये रोजमर्रा की बात बन गई। वहां लोग आते और वो मुझे उनके साथ जाने को कहता। मैं इनकार करती तो मुझे मारा-पीटा जाता। मारपीट करने के बाद वो मेरा मेकअप करता और मुझे ऐसे संदेश रिकॉर्ड करने के लिए मजबूर करता कि जैसे मैं बहुत खुश हूं। बहुत बड़े घर में रहती हूं और ये कि बाकी पाकिस्तानी लड़कियां भी वहां बहुत खुश हैं।
मुझे ये समझ आया कि मेरे जरिए वो अन्य लड़कियों को भी शिकार बनाना चाहता था। मुझे अच्छी तरह याद है कि जब मेरे रिश्ते की बात चल रही थी तो चीन में मौजूद पाकिस्तानी लड़की से मेरी बात करवाई गई थी। उसने मुझ से कहा था कि मैं यहां पर बहुत खुश हूं। मगर हकीकत ये थी कि जब मुझे एक बार उसके पास लेकर गए तो वो लड़की आठ महीने की गर्भवती थी और उसकी हालत बहुत खराब थी।
मुझे मेरे तथाकथित पति ने उसके पास ज्यादा देर तो नहीं छोड़ा, मगर जो भी वक्त मिला तो मैंने उससे पूछा कि तुमने फ़ोन पर तो कुछ और बताया था। उसने कहा, 'मैं मजबूर थी। मुझसे जो कहा गया वही मैंने कहा। चीन में पाकिस्तानी लड़कियों के हालात बहुत ज्यादा ख़राब हैं जो मैं बता भी नहीं सकती।'
मैं बार-बार जिस्मफरोशी से इनकार करती रही। इसके बाद उसने धमकियां देनी शुरू कर दी थीं कि अपने पैसे वसूल करने के लिए वो मेरे अंग निकालकर भी बेच सकता है और इससे पहले वो चार पांच लड़कियों के साथ ये काम कर चुका है। मुझसे ये भी कहा गया कि पाकिस्तान में मेरा परिवार भी सुरक्षित नहीं रहेगा।
मुझे कई ऐसे वीडियो भी दिखाए गए जिनमें लोगों को या तो कत्ल किया जा रहा था या वो अस्पताल के बिस्तर पर भर्ती थे और उन्हें बेहोश करके अंग निकाले जा रहे थे। मैं इन हालातों में बुरी तरह फंस चुकी थी।
एक रात मैंने सोचा कि इस तरह तो गुजारा नहीं होगा। मैंने अपने पति से कहा कि मैं उसकी बात मानूंगी लेकिन मुझे हालात को समझने में थोड़ा वक्त लगेगा। उसने मेरी परीक्षा लेने के लिए मुझे हराम चीजें खाने को दीं, मैंने कई दिनों से कुछ खाया नहीं था, इसलिए मैंने वो हराम चीजें खा लीं और उसका मुझ पर भरोसा पैदा हो गया।
अगले दिन मेरे पति ने कहा कि ग्राहक आए हैं। मैंने उससे कहा कि मुझे थोड़े दिन की मोहलत और दे दे। मैंने कुछ नाटक भी किया। उसने मेरी बात पर यकीन कर लिया और मुझे मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति भी दे दी। इसका मैंने फायदा उठाया और अपनी बहन को फोन करके उसे सारे हालात बताए। मेरी बहन ने पाकिस्तान और बीजिंग में दूतावासों से संपर्क किया।
बहन से बातचीत को छह-सात दिन हो चुके थे। मैं अपनी जिंदगी से मायूस हो चुकी थी कि अचानक चीन की पुलिस और सामाजिक सुरक्षा की एजेंसी ने छापा मारा। उनके साथ पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी भी थे। उन्होंने तुरंत मुझे अपनी हिफ़ाजत में ले लिया।
मुझे बताया गया कि मेरी बहन की शिकायत पर पाकिस्तानी दूतावास ने कार्रवाई की है। जिस वक्त पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों ने मुझे अपनी हिफाजत में लिया उस वक्त मेरी हालत देख कर वो अधिकारी रो पड़े थे। वो मुझे वहां से लेकर बीजिंग आए और दूसरे ही दिन मुझे पाकिस्तान भेज दिया गया।
मैं गुजरांवाला की रहने वाली हूं और धर्म से ईसाई हूं। नौकरी के लिए मेरे पिता इस्लामाबाद में रहने लगे तो मैं भी उनके साथ यहां आ गई। हमारी जिंदगी में चर्च की बहुत अहमियत है और मेरा परिवार हर इतवार को चर्च जाता था।
यही वजह है कि जब स्थानीय चर्च से जुड़े एक व्यक्ति ने मेरे पिता को चीन के रिश्ते के बारे में बताया और ये भी बताया कि लड़का भी ईसाई है और सीपेक में नौकरी करता था तो मैंने भी हां कर दी। मेरी शादी बीते साल जुलाई में हुई थी और मैं सितंबर में चीन गई थी।
शादी के बाद हम सिर्फ पंद्रह दिन तक पाकिस्तान में रहे थे। चीन में मुझे एक गांव में ले जाया गया जिसका नाम टेक्टसर था। जहां मुझे रखा गया था उसे घर बताया गया था लेकिन वो जगह मुझे कभी घर जैसी नहीं लगी। वो कोई क्लब जैसी चीज हो सकती है।
मैंने जब पहली बार अपने पति से इस बारे में बात की तो उसने मुझ पर हाथ उठाया और कहा कि तुम्हारे घर वालों, शादी करवाने वालों, सबको पैसे देकर लाया हूं। तुम्हें वही करना होगा जो तुमसे कहा जाएगा।
पाकिस्तान में मेरा पति शराब नहीं पीता था। लेकिन चीन पहुंचते ही उसने सबसे पहले शराब पी और मुझे बिना वजह के मारा पीटा। जब मैंने उसके यीशू मसीह का वास्ता दिया तो वो हंसा और कहने लगा कि कौन सा मजहब और किसका मजहब? ये सुनकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे।
वो ग्राहक लेकर आता। मैं इनकार करती तो मुझे मारा पीटा जाता। एक दिन उसने मुझे उल्टा लटकाकर नंगा किया और मेरी तस्वीरें लेता रहा और वीडियो बनाता रहा।
एक दिन जब मैंने उससे कहा कि मैं तुम्हारी बीवी हूं और तुम मुझे शादी करके लाए हो तो वो बहुत हंसा और कहने लगा कि इससे पहले वो फिलीपींस और भारत से भी शादी करके लड़कियों को ला चुका है। उसने कहा कि ये पाकिस्तान में उसकी पहली शादी है और जल्द ही वो दूसरी भी करेगा क्योंकि पाकिस्तानी लड़कियां बहुत खूबसूरत हैं और बाजार में उनकी बहुत मांग हैं।
जब मैं बहुत ज्यादा विरोध करने लगी तो एक दिन एक डॉक्टर आया और उसने मेरे जिस्म का नाप लिया। जिसके बाद मुझे शक हुआ कि शायद ये मेरे अंग निकालना चाहते हैं।
मैं कई दिनों तक सो भी नहीं सकी थीं। मैंने हर हालात के बारे में सोचा और फिर आखिरकार अपने पति से कहा कि मैं जिस्मफरोशी करने के लिए तैयार हूं लेकिन मुझे कुछ वक़्त चाहिए। मेरा बदला हुआ रूप देखकर उसने मुझ पर भरोसा करना शुरू कर दिया। इस दौरान एक दिन मुझे अकेले में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का मौका मिल गया। मैंने अपने पिता को फोन कर सारी बात बता दी।
उन्होंने तुरंत बीजिंग में पाकिस्तान के दूतावास से संपर्क किया। मुझे उम्मीद थी कि मेरे पिता कुछ न कुछ जरूर करेंगे। लेकिन दो-तीन दिनों तक कुछ नहीं हुआ। मैं उम्मीद और नाउम्मीदी के बीच झूल ही रही थी कि अचानक पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी चीनी पुलिस के साथ वहां पहुंच गए।
मुझे तुरंत पाकिस्तान पहुंचा दिया गया। अब मैं पाकिस्तान में खुद को फंसाने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा चुकी हूं।
इस्लामाबाद में चीन के दूतावास के प्रवक्ता की ओर से हाल ही में जारी किए गए बयान में बताया गया है कि चंद चीनी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है और उन पर धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज बनाने, मानव तस्करी करने के अलावा गैर-कानूनी शादियां करने का मामला दर्ज किया गया है।
इस सवाल पर कि क्या पाकिस्तानी लड़कियों को जिस्मफरोशी के लिए मजबूर किया जा रहा था, प्रवक्ता की ओर से कहा गया कि 'हमने इन खबरों का नोटिस लिया है। प्रशासन अपने कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रहा है और ऐसे मामलों की जांच की जा रही है।'
प्रवक्ता के मुताबिक सरहदों के आरपार शादियों के बारे में चीन का रुख स्पष्ट है। वैध शादियों को बढ़ावा दिया जाए और अपराध का मुकाबला किया जाए।
उनका कहना है, 'अगर कोई संगठन या व्यक्ति इस किस्म की शादियों के सिलसिले में पाकिस्तान में किसी अपराध में अभियुक्त होता है तो चीन उसके खिलाफ पाकिस्तान में कार्रवाई करने में पाकिस्तानी प्रशासन की मदद करता है और इस सिलसिले में सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी एजेंसियों की मदद के लिए एक टास्क फोर्स भी पाकिस्तान भेजी है।'
प्रवक्ता का कहना है कि ऐसे मामलों की कई खबरों में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है और अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय की जांच के मुताबिक पाकिस्तान से शादी करके चीन जाने वाली लड़कियों से न जिस्मफरोशी करवाई जा रही है और न ही उनके अंग निकाले जा रहे हैं।' प्रवक्ता ने उम्मीद जाहिर की है कि मीडिया इस संवेदनशील मुद्दे पर तथ्यात्मक खबरें ही प्रकाशित करेगी।