आतंकवाद पर लगाम कसने की कोशिशों में भारत को बड़ी कामयाबी मिली है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा समिति (यूएनएससी) में एक प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसका मकसद आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकना है। अब आतंकी फंडिंग को बढ़ावा देने वाले देशों या तत्वों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के स्तर पर कार्रवाई हो सकेगी।
फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-यीव्स ला द्रियां ने प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए उसकी फंडिंग रोकना जरूरी है। सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में कहा गया कि हर देश के पास गंभीर अपराधों, पैसा जुटाने या आतंकी संगठनों को सुविधाएं मुहैया कराने वालों के खिलाफ केस चलाने व उन्हें लागू करने के लिए कानून होना चाहिए।
भारत गरजा, आतंक के समर्थक खुद को सही ठहराने में जुटे
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी सदस्य सैयद अकबरुद्दीन ने पाक को घेरते हुए कहा कि आतंक के समर्थक खुद को सही ठहराने में जुटे हैं। वे अपनी करतूतों का बचाव और आतंकियों पर कार्रवाई नहीं करने के लिए बहाने गढ़ रहे हैं। पाक स्थित जैश, लश्कर जैसे गुटों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल आतंकी गुटों को पाबंदियों के बावजूद फंड और हथियार मिलने पर चिंता जताई।