एक प्रमुख अमेरिकी हिंदू समूह ने कई अमेरिकी विश्वविद्यालयों से अगले माह ‘वैश्विक हिंदुत्व का खंडन’ विषय पर प्रस्तावित ऑनलाइन सम्मेलन को समर्थन नहीं देने का आग्रह किया है। आयोजकों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर दावा किया कि 10 सितंबर से शुरू हो रहे तीन दिनी कार्यक्रम को करीब 40 विश्वविद्यालयों के 45 से अधिक केंद्रों ने सह-प्रायोजित किया है।
विभिन्न हिंदू-अमेरिकी समूहों ने इस सम्मेलन पर अपना आक्रोश जाहिर किया है क्यों कि इसका मकसद भारत और दूसरी जगहों पर हिंदू वर्चस्ववादी विचारधारा के संस्थापन की खोज है। विषय की जानकारी का इसकी वेबसाइट पर जिक्र है और सोशल मीडिया मंचों पर इसे प्रचारित किया जा रहा है।
सम्मेलन के लिए वक्ताओं और पैनलिस्टों की सूची में मुख्य रूप से वे लोग शामिल हैं जो भारत और अमेरिका में हिंदू समूहों के खिलाफ अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। हिंदू अमेरिकी फाउंडेशन (एचएएफ) ने इन विश्वविद्यालयों को ईमेल लिखकर उनसे सम्मेलन से हटने का आग्रह किया है। संगठन ने कहा, कार्यक्रम के आयोजक आपकी संस्था के नाम की प्रतिष्ठा का इस्तेमाल एक अकादमिक सम्मेलन के लिए नहीं, बल्कि भारत में राजनीति से संबंधित एक विभाजनकारी कार्यक्रम के लिए कर रहे हैं।