लंदन में खालिस्तान समर्थकों का प्रदर्शन।
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कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह के खिलाफ भारत में हो रही कार्रवाई के खिलाफ खालिस्तान समर्थकों ने एक बार फिर लंदन, अमेरिका और कनाडा में प्रदर्शन किया है। जानकारी के मुताबिक, खालिस्तान समर्थकों के एक समूह ने कनाडा और अमेरिका में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए। साथ ही शनिवार को लंदन में पार्लियामेंट स्क्वायर पर इकट्ठे हुए। इस दौरान सभी के हाथों में झंडे और बैनर भी थे।
लंदन में हुआ विरोध
वहीं, शनिवार को एक बार फिर लंदन में कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह के समर्थन में खालिस्तान समर्थकों ने विरोध किया। साथ ही टोरंटो, वैंकूवर, इंडियानापोलिस और फ्रेस्नो शहरों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए गए। यह प्रदर्शन बुधवार को लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर एक सुनियोजित प्रदर्शन के बाद हुआ है। जब प्रदर्शनकारियों ने उच्चायोग पर पानी की बोतलें फेंकी थी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि उन बोतलों को भारतीय मिशन द्वारा फेंका गया था, जिसका इंडिया हाउस ने विरोध किया था।
भारत ने दर्ज कराया विरोध
लंदन में उच्चायोग के बाहर खालिस्तान समर्थकों का प्रदर्शन और भारतीय मिशन पर हमले के मामले में भारत ने ब्रिटेन की सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाया है। इस सप्ताह की शुरुआत में हाउस ऑफ कॉमन्स में भी इस मुद्दे को उठाया गया था।
कैबिनेट मंत्री पेनी मोर्डंट ने दिया बयान
कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य बॉब ब्लैकमैन ने जहां हिंसा में शामिल संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के उपायों पर सदन में चर्चा करने की मांग की। वहीं, विपक्षी दल लेबर पार्टी के सदस्य गैरथ थॉमस ने हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाने जाने वाले कदमों के बारे में बताने को कहा। साथ ही कैबिनेट मंत्री पेनी मोर्डंट ने सदन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली के पहले दिए हुए बयान को दोहराते हुए यहां भारतीय मिशन के आसपास सुरक्षा उपायों की समीक्षा की घोषणा की। उन्होंने सांसदों से कहा, हम लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर हुई तोड़फोड़ और हिंसक कृत्यों की कड़ी निंदा करते हैं। उच्चायोग और उसके कर्मचारियों के खिलाफ इस तरह के कृत्य पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।
उन्होंने कहा कि हम भारतीय उच्चायोग में सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए मेट्रोपॉलिटन पुलिस के साथ काम कर रहे हैं। और उच्चायोग के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बदलाव करेंगे। वहीं, इस मसले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत भी मेजबान सरकारों से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम उठाने की उम्मीद करता है।