भारतीय मूल की ब्रिटिश गृह मंत्री प्रीति पटेल ने बृहस्पतिवार को एक नया अभियान चालू किया। यह अभियानविंडरश आव्रजन घोटाला पीड़ितों की सरकारी सहायता और मुआवजे तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया है। पटेल राष्ट्रमंडल देशों के हजारों लोगों को नागरिकता अधिकार से वंचित करने वाले इस घोटाले के लिए पहले ही सरकार की तरफ से औपचारिक माफी मांग चुकी हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा, वह दो साल पहले हुए इस घोटाले को ध्यान में रखकर अपने गृह कार्यालय विभाग में बदलाव की मुहिम चलाने की इच्छुक हूं। यह घोटाला आव्रजन नियमों के सख्त होने तक दूसरे विश्वयुद्ध के कारण ब्रिटेन में श्रमिकों की कमी पूरा करने को लाए गए बहुत सारे भारतीयों समेत राष्ट्रमंडल देशों के नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बना था।
इसका परिणाम ब्रिटेन में वैध प्रवेश व बसने के पर्याप्त दस्तावेजों की कमी के चलते जबरन निर्वासित किए जाने या अन्य बहुत सारे नागरिकता अधिकारों से वंचित करने जैसे बहुत सारे ऐतिहासिक मामलों के तौर पर सामने आया।
पटेल ने कहा, मैं बदलाव की मुहिम चला रही हूं ताकि आश्वस्त किया जा सके कि ऐसा दोबारा नहीं हो सकता। यह आवश्यक है कि विंडरश के कारण प्रभावित होने वाले लोगों को सहयोग और मुआवजा मिल पाए, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा, इसके लिए अक्तूबर के मध्य तक चलने वाले अभियान पर 7.5 लाख पाउंड खर्च किए जाएंगे।
क्या है विंडरश
विंडरश जनरेशन पुरानी ब्रिटिश उपनिवेशों के उन लोगों को कहा जाता है, जो ब्रिटेन में 1973 से पहले आए थे। इनमें ज्यादातर संख्या जमैका और अन्य कैरेबियाई देशों की है, जो 22 जून, 1948 को एंपायर विंडरश जहाज में सवार होकर ब्रिटेन आए थे। उस दौर के भारतीय और अन्य दक्षिण एशियाई प्रवासियों को भी विंडरश जनरेशन ही माना जाता है।
इन लोगों को ब्रिटेन में रहने और काम करने के लिए बार-बार कानूनी नवीनीकरण की आवश्यकता पड़ती है। अब ब्रिटिश सरकार ने इन लोगों की पहचान की पुष्टि कर उन्हें स्थायी नागरिकता दस्तावेज देने की मुहिम चल रही है। गृह विभाग के मुताबिक, अभी तक 12 हजार लोगों को दस्तावेज दिए जा चुके हैं, जिनमें 1400 भारतीय नागरिक भी हैं।