ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी की किर्गिस्तान के बिश्केक में होने वाली मुलाकात एन मौके पर रद्द हो गई। सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे समय की कमी का कारण बताया जा रहा है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार आधिकारिक भोज में देरी हुई, जिसकी वजह से सभी नेताओं के कार्यक्रम बाधित हुए हैं।
दरअसल, ईरान और वेनेज़ुएला पर अमेरिका ने आर्थिक प्रतिबंध लगाया है। ये दोनों देश पूरी दुनिया में तेल के तीसरे और चौथे सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता हैं। इन दोनों देशों से होने वाली तेल की आपूर्ति भारत के लिए काफी अहम है। अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से भारत में भी इन देशों से तेल आयात बंद है। माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे रूहानी से बात कर सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सोरांबने जीनबेकोव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। यहां प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति जीनबेकोव को धन्यवाद कहते हुए कहा कि भारत और किर्गिस्तान के बीच बहुत पुराने समय से संबंध रहे हैं। हम इन संबंधों का व्यापार और निवेश के क्षेत्र में विस्तार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए पांच साल की योजना तैयार है।