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PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें: ब्रिस्बेन में खुलेगा वाणिज्य दूतावास, लखनऊ और जयपुर का भी किया जिक्र; पढ़ें

Tue, 23 May 2023 04:26 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिडनी

सार

PM Modi Speech: अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सबसे बड़ा एलान ब्रिस्बेन में वाणिज्य दूतावास के शुभारंभ को लेकर किया। उनके भाषण की 10 बड़ी बातें क्या-क्या रहीं, जानिए। 
 
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सिडनी में पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में सोमवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे। अपने दौरे के दूसरे दिन उन्होंने सिडनी के कुडोस बैंक एरिना में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने ब्रिस्बेन में वाणिज्य दूतावास के शुभारंभ का एलान किया। साथ ही पीएम ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों से लेकर क्रिकेट तक पर बात की। जहां उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान भारत द्वारा चलाए गए सबसे बड़े वैक्सिनेशन अभियान का जिक्र करके भारत के बढ़ते कद को दुनिया को दिखाया वहीं, 2014 में के वादे का हवाला देकर बिना नाम लिए कांग्रेस पर तंज भी कसा। पढ़े ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें...

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ब्रिस्बेन में खुलेगा भारत का नया कॉन्सुलेट
एरिना में पीएम मोदी ने नमस्ते ऑस्ट्रेलिया से अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय था जब कहा जाता था कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध 3C (कॉमनवेल्थ, क्रिकेट, करी) पर आधारित है। उसके बाद कहा गया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध 3D (डेमोक्रेसी, डायसपोरा, दोस्ती) पर आधारित है। इसके बाद में कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध 3E (एनर्जी, इकोनॉमी, एजुकेशन) पर आधारित है। लेकिन भारत-ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक संबंधों का विस्तार इससे कहीं ज्यादा बड़ा है। इस दौरान पीएम मोदी ने ब्रिस्बेन में भारत का नया कॉन्सुलेट (वाणिज्य दूतावास) खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी मांग काफी समय से की जा रही थी, जिसके बाद यह फैसला किया गया है।
 


लखनऊ की चाट और जयपुर की मिठाई का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के लोग इतने विशाल दिल वाले हैं। इतने सच्चे और अच्छे हैं कि भारत की इस विविधता को खुले दिल से स्वीकारते हैं। यही वजह है कि यहां के पैरमाटा शहर में परमात्मा चौक बन जाता है। विग्रम स्ट्रीट भी विक्रम स्ट्रीट के तौर पर मशहूर हो जाती है और हैरिस पार्क लोगों के लिए हरीश पार्क हो जाता है। हैरिस पार्क में जयपुर स्वीट्स की जलेबी, चाट, इसका तो कोई जवाब नहीं है। आप लोग मेरे मित्र अल्बानीज को भी कभी वहां ले जाइएगा। जब खाने की बात चली है, तो लखनऊ का नाम आना भी स्वाभाविक ही है। मैंने सुना है कि सिडनी में लखनऊ नाम की जगह है। मुझे पता नहीं वहां चाट मिलती है या नहीं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय नामों वाली कितनी ही गलियां आपको भारत से जोड़ती हैं। मुझे बताया गया कि अब तो ग्रेटर सिडनी में इंडिया परेड शुरू होने जा रही है।
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2014 के वादे को याद दिलाया
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 'मैं जब 2014 में आया था, तब मैंने एक वादा किया था। वादा यह था कि आपको किसी प्रधानमंत्री का 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। तो लीजिए, यहां सिडनी में, इस एरिना में मैं फिर हाजिर हूं। और मैं अकेला नहीं हूं। और मैं अखेला नहीं आय़ा हूं। पीएम अल्बानीज भी मेरे साथ आए हैं। उन्होंने हमारे इस कार्यक्रम के लिए अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकाला है। वह भारतीयों के प्रति आपके प्रेम को दर्शाता है। जो आपने अभी कहा वह दर्शाता है कि ऑस्ट्रेलिया के मन में भारत के प्रति कितना प्रेम है।'

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का आधार भी बताया
पीएम मोदी ने कहा कि 'भारत ऑस्ट्रेलिया के संबंधों का आधार इन सबसे बड़ा है। इन संबंधों का आधार क्या है जानते हैं। सबसे बड़ा आधार है- म्यूचुअल ट्रस्ट और म्यूचुअल रिस्पेक्ट। यह सिर्फ ऑस्ट्रेलिया-भारत के राजनयिक रिश्तों से विकसित नहीं हुआ है। इसकी असली वजह और ताकत है- आप ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले हर एक भारतीय। आप उसकी असली ताकत हैं। ऑस्ट्रेलिया के ढाई करोड़ से ज्यादा सिटीजन। हमारे बीच भौगोलिक दूरी जरूर है। लेकिन हिंद महासागर हमें आपस में जोड़ता है। हमारी जीवनशैलियां भले ही अलग हों, लेकिन अब योगा भी हमें जोड़ता है। क्रिकेट से तो न जाने हम कबसे जुड़े हैं, लेकिन अब टेनिस और फिल्में भी हमें जोड़ रही हैं। हमारे यहां खाना बनाने का तरीका भले ही अलग-अलग है। लेकिन अब मास्टरशेफ हमें जोड़ता है। हमारे यहां पर्व-त्योहार भले ही अलग हैं, लेकिन हम जुड़े हैं दिवाली की रौनक से, बैसाखी के जश्न से। हमारे यहां भाषाएं भले ही अलग बोली जाती हों, लेकिन हम जुड़े हैं, मलयालम, तमिल, तेलुगु, पंजाबी और हिंदी और भाषाएं पढ़ाने वाले इतने सारे स्कूलों से।'

दुनिया की मदद के लिए भारत हमेशा तैयार
पीएम मोदी अपने संबोधन के दौरान भारत की वसुधैव कुटुम्बकम की भावना का भी जिक्र किया। उन्होंने हाल ही में तुर्किए में आए भूंकप का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में कहीं भी संकट आए हम हमेशा सबकी मदद के लिए तैयार रहते हैं। भारत आज Force of Global Growth के तहत काम कर रहा है। हम दुनिया को एकजुट करने के लिए काम कर रहे हैं।  सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास... ये हमारी सरकार का आधार है। 

भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी- पीएम
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दौरान यह भी कहा कि भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी है। हम राष्ट्र को एक परिवार के रूप में देखते हैं और विश्व को भी परिवार मानते हैं। यही वजह है कि इस साल जब हम जी-20 की अध्यक्षता कर रहे हैं तो उसका लोगो वन अर्थ वन फैमिली वन फ्यूचर को तय करता है। 

शेनवार्न को खोकर हमे लगा जैसे हमने कोई अपना खो दिया- पीएम 
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि मुझे ये जानकर अच्छा लगा कि आप सब ने भी आजादी का अमृत महोत्सव भी बड़े धूमधाम से मनाया है। हमारे किक्रेट के रिश्ते को 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। किक्रेट की फील्ड पर मुकाबला जितना रोचक होता है उतनी ही गहरी हमारी ऑफ द फील्ड दोस्ती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान महान क्रिकेटर शेन वार्न को भी याद किया। उन्होंने कहा कि  पिछले साल जब महान क्रिकेटर शेन वार्न का निधन हुआ तो ऑस्ट्रेलिया के साथ कोटि-कोटि भारतीयों ने भी शोक मनाया। ये ऐसा था जैसे हमने अपना कोई खो दिया.. आप सभी का एक सपना रहा है कि हमारा भारत भी विकसित राष्ट्र बने। जो सपना आपके दिल में है वो सपना मेरे दिल में भी है।
 
 

भारत दुनिया की सबसे बड़ी टैलेंट फैक्ट्री
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में क्षमताओं या संसाधनों की कोई कमी नहीं है। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे युवा टैलेंट फैक्ट्री है। आईएमएफ भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत को सबसे अहम मानता है। भारत का बैंकिंग सिस्टम भी मजबूत है। भारत ने बीते साल रिकॉर्ड निर्यात किया और हमारा विदेशी मुद्रा भंडार भी रिकॉर्ड स्तर पर है। भारत में फिनटेक क्षेत्र में क्रांति आई हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भारत की सबसे बड़ी ताकत यहां रहने वाले भारतीय हैं। 

कोरोना में भारत ने चलाया सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम 
पीएम ने अपने संबोधन में भारत के वैक्सीनेशन प्रोग्राम का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत ने दुनिया का सबसे तेज वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाया। हमने अपने देश के लोगों के साथ ही दुनिया के तमाम देशों को भी वैक्सीन मुहैया कराई।  

अगले 25 सालों में विकसित होने के लक्ष्य के साथ हम आगे बढ़ रहे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी में भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगले 25 साल में विकसित होने के लक्ष्य के साथ जो देश आगे बढ़ रहा है वो भारत है। आज IMF भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का उज्ज्वल बिन्दु मानता है। वर्ल्ड बैंक का विश्वास है कि ग्लोबल हेडविंड्स को अगर कोई चुनौती दे रहा है तो वो भारत है। आज भारत दुनिया की Fastest growing largest economy है। हमारे पास संसाधनों की कमी नही है। 

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