प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फ्रांस के बियारित्ज शहर में जी-7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के बाद सोमवार को स्वदेश रवाना हो गए। प्रधानमंत्री ने सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई विश्व नेताओं से मुलाकात कर जलवायु परिवर्तन और डिजिटल क्रांति जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, "अलविदा फ्रांस! तीन देशों फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन की सार्थक यात्रा संपन्न। इस दौरान द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताएं हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लिए रवाना। मित्र देशों के साथ भारत के संबंधों को गहराई दी गई और वैश्विक मंच पर हमारी आवाज बुलंद हुई।"
हालांकि भारत जी-7 समूह का सदस्य नहीं है। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रों ने मोदी की रविवार और सोमवार को हुए सम्मेलन में शिरकत के लिये निजी तौर पर आमंत्रित किया था। द्विपक्षीय संबंध की मजबूती के लिए प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा बहुत सफल रही।
प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति और दूसरे महत्वपूर्ण नेताओं के साथ मुलाकात की। उन्होंने भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया और मौजूदा सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा।
संयुक्त अरब अमीरात के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहयेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'ऑर्डर ऑफ जायद' से सम्मानित किया।
प्रधानमंत्री खाड़ी क्षेत्र के सबसे पुराने मंदिर श्रीनाथजी मंदिर के पुनर्विकास की औपचारिक शुरुआत में भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने बहरीन के दौरे पर राजधानी मनामा में 200 साल पुराने भगवान श्रीनाथजी (श्री कृष्ण) मंदिर के पुनर्निर्माण परियोजना का शुभारंभ किया। इस परियोजना पर 42 लाख डॉलर की लागत आएगी।