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पहले मोनालिसा, अब रेनॉयर: फ्रांसीसी म्यूजियम से बेशकीमती पेंटिंग चोरी, कब-कब चुराई गईं करोड़ों की कलाकृतियां?

Wed, 09 Sep 2026 09:14 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

फ्रेंच रिवेरा के रेनॉयर म्यूजियम में सेंध लगाकर दो बेशकीमती पेंटिंग चोरी कर ली गईं, जबकि दो अन्य पेंटिंग चोर बगीचे में छोड़ गए। यह घटना दुनिया की चर्चित कला चोरियों की याद दिलाती है। इससे पहले इटली में रेनॉयर, सेजान और मैटिस की पेंटिंग से लेकर लूव्र के शाही गहनों की चोरी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। 
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रेनॉयर म्यूजियम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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फ्रांस के कैग्नेस-सुर-मेर शहर के मेयर ने मंगलवार को बताया कि चोरों ने फ्रेंच रिवेरा स्थित रेनॉयर म्यूजियम में सेंध लगाकर फ्रांसीसी इंप्रेशनिस्ट मास्टर ऑगस्टे रेनॉयर की चार कीमती कलाकृतियां चुरा लीं। हालांकि, भागते समय चोर दो पेंटिंग म्यूजियम के बगीचे में ही छोड़ गए। म्यूजियम में रेनॉयर की कुल 12 कलाकृतियां थीं। चोरी हुईं दो पेंटिंग हैं ‘पोर्ट्रेट ऑफ़ मैडम कोलोना रोमानो’ और ‘यंग वुमन एट द वेल’ हैं। पुलिस फिलहाल चोरी को अंजाम देने वालों की तलाश में जुटी है। इस घटना के बीच आइए, दुनिया में हुई कला की कुछ दूसरी चर्चित और बड़ी चोरियों पर एक नजर डालते हैं।

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इटली के म्यूजियम से रेनॉयर, सेजान और मैटिस की पेंटिंग चोरी
मार्च में चोर उत्तरी इटली के पार्मा शहर के पास स्थित एक निजी म्यूजियम, मैग्नानी रोक्का फ़ाउंडेशन से फ्रांसीसी कला जगत के तीन दिग्गजों की पेंटिंग चुराकर फरार हो गए। चोरी हुई तीन पेंटिंग में ऑगस्टे रेनॉयर की ‘फिश’, पॉल सेजान की ‘स्टिल लाइफ़ विद चेरीज’ और हेनरी मैटिस की ‘ओडालिस्क ऑन द टेरेस’ शामिल थीं। आकार में भले ही ये कलाकृतियां छोटी मानी जाती थीं, लेकिन इनकी कीमत लाखों यूरो आंकी गई थी।

कुछ महीनों बाद बरामद हुईं तीनों कलाकृतियां
अगस्त में इटली की कैराबिनियरी यानी पुलिस बल की आर्ट रिकवरी स्क्वाड ने तीनों पेंटिंग बरामद कर लीं। चोरी के सिलसिले में संगठित अपराध गिरोह का हिस्सा माने जा रहे पांच लोगों को हिरासत में लिया गया।
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लूव्र में दिनदहाड़े चोरी, नेपोलियन काल के शाही गहने ले गए चोर
अक्टूबर में दिनदहाड़े हुई एक नाटकीय चोरी में पेरिस के लूव्र म्यूजियम से फ्रांसीसी सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट और उनके परिवार के शाही गहनों के संग्रह से नौ चीजें चुरा ली गईं। चोरों ने उस समय लूव्र को निशाना बनाया, जब म्यूज़ियम आम दर्शकों के लिए खुला हुआ था। उन्होंने म्यूज़ियम की बाहरी दीवार तक पहुंचने के लिए बास्केट लिफ्ट का इस्तेमाल किया। इसके बाद महज कुछ मिनटों में उन्होंने डिस्प्ले केस तोड़ दिए और करीब 88 मिलियन यूरो (102 मिलियन अमेरिकी डॉलर) मूल्य के गहने लेकर फरार हो गए। चोरी किए गए सामान में नीलम जड़ा एक डायडेम, एक हार और एक कान की बाली शामिल थी।

ज्यादातर गहने अब भी गायब
चोरी को अंजाम देने वाले चार लोगों के गिरोह को आखिरकार पकड़ लिया गया, लेकिन चोरी किए गए ज्यादातर गहने बरामद नहीं हो सके। केवल महारानी यूजीनी का हीरे और पन्ने जड़ा ताज ही म्यूजियम के बाहर क्षतिग्रस्त हालत में मिला। माना गया कि भागते समय चोरों से यह ताज गिर गया था। इस चोरी के बाद दुनिया के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले म्यूज़ियमों में शामिल लूव्र ने अपने निदेशक को बदल दिया और सुरक्षा तथा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया।

मोना लिसा की चोरी ने बढ़ाई पेंटिंग की शोहरत
लूव्र में चोरी और डकैती की कोशिशों का एक लंबा इतिहास रहा है। इसकी सबसे मशहूर घटना 1911 में हुई, जब लियोनार्डो दा विंची की ‘मोना लिसा’ अपने फ्रेम से गायब हो गई थी। इसे म्यूजियम के पूर्व कर्मचारी विन्सेन्ज़ो पेरुगिया ने चुराया था। वह म्यूज़ियम के अंदर छिपा रहा और बाद में अपने कोट के नीचे पेंटिंग छिपाकर बाहर निकल गया।

दो साल बाद फ्लोरेंस में मिली मोना लिसा
चोरी के करीब दो साल बाद ‘मोना लिसा’ को इटली के फ्लोरेंस में बरामद किया गया। इस घटना ने लियोनार्डो दा विंची की इस पेंटिंग को दुनिया की सबसे चर्चित और मशहूर कलाकृतियों में शामिल करने में बड़ी भूमिका निभाई।

बोस्टन के इसाबेला स्टीवर्ट गार्डनर म्यूज़ियम की चोरी आज भी रहस्य
इसे अमेरिका के इतिहास की सबसे बड़ी कला चोरियों में से एक माना जाता है। हालांकि, 35 साल बीत जाने के बाद भी बोस्टन के इसाबेला स्टीवर्ट गार्डनर म्यूजियम से चोरी हुई 13 कलाकृतियों का मामला अब तक अनसुलझा है।

पुलिस अधिकारियों के भेष में म्यूजियम में घुसे थे चोर
18 मार्च 1990 की सुबह दो लोग बोस्टन पुलिस अधिकारियों के भेष में म्यूज़ियम में दाखिल हुए। उन्होंने कहा कि वे एक कॉल का जवाब देने आए हैं। म्यूजियम के अंदर पहुंचने के बाद उन्होंने दो सुरक्षा गार्डों को काबू में कर लिया और उन्हें डक्ट टेप से बांध दिया। इसके बाद करीब 81 मिनट तक उन्होंने म्यूज़ियम से 13 कलाकृतियां चुरा लीं। चोरी हुई कलाकृतियों में रेम्ब्रांट, वर्मीर, डेगास और मैनेट जैसे महान कलाकारों की बेशकीमती कृतियां शामिल थीं।

चोरी की गई कलाकृतियों की कीमत आधा अरब डॉलर तक
अधिकारियों का कहना है कि चोरी हुई इन कलाकृतियों की कीमत करीब आधा बिलियन डॉलर तक हो सकती है। हालांकि, म्यूज़ियम अधिकारियों के मुताबिक इनका असली मूल्य सिर्फ पैसों में नहीं आंका जा सकता, क्योंकि इनकी जगह दूसरी कलाकृतियां नहीं रखी जा सकतीं। कुछ कलाकृतियों को उनके फ्रेम से काटकर निकाला गया था। इनमें रेम्ब्रांट की मशहूर पेंटिंग ‘स्टॉर्म ऑन द सी ऑफ़ गैलिली’ भी शामिल थी। इन कलाकृतियों के फ्रेम आज भी म्यूजियम में खाली लटके हुए हैं।

जर्मनी के म्यूजियम से चोरी हुआ 100 किलो का सोने का सिक्का
2017 में बर्लिन के बोड म्यूज़ियम में चोरों ने 100 किलोग्राम (220 पाउंड) वजन का ठोस सोने का कनाडाई सिक्का चुरा लिया। इसे ‘बिग मेपल लीफ’ के नाम से जाना जाता था। माना जाता है कि संदिग्धों ने सिक्के को सुरक्षित रखने के लिए लगाए गए केस को तोड़ा, उसे म्यूज़ियम की खिड़की के रास्ते बाहर निकाला और फिर व्हीलबैरो में रखकर रेलवे ट्रैक के रास्ते फरार हो गए।

चोरों ने सोने के सिक्के के टुकड़े कर दिए
अधिकारियों का मानना था कि बाद में चोरों ने सिक्के के टुकड़े कर दिए और उन्हें बेच दिया। उस समय सिक्के की कीमत करीब 3.75 मिलियन यूरो (4.33 मिलियन अमेरिकी डॉलर) आंकी गई थी। बाद में इस मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराया गया, जिनमें म्यूज़ियम का एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल था।

ग्रीन वॉल्ट से करोड़ों यूरो के शाही गहने चोरी
इसके दो साल बाद, चोरों ने जर्मनी के ड्रेसडेन स्थित ग्रीन वॉल्ट में शीशे के डिस्प्ले केस तोड़कर करोड़ों यूरो कीमत के हीरे जड़े शाही गहने चुरा लिए। अधिकारियों के मुताबिक चोर 18वीं सदी के गहनों के तीन ऐसे ‘बेकीमती’ सेट ले गए, जिन्हें खुले बाजार में बेचना लगभग नामुमकिन था।
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कुछ गहने बरामद, पांच लोग दोषी करार
बाद में चोरी किए गए सामान का कुछ हिस्सा बरामद कर लिया गया। इस मामले में पांच लोगों को दोषी ठहराया गया, जबकि छठे आरोपी को बरी कर दिया गया।

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