अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लाखों अमेरिकियों को खासकर कम आय वाले और नियोक्ता-प्रायोजित योजनाओं से वंचित कामगारों के लिए रिटायरमेंट सेविंग्स खातों तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इसे ऐतिहासिक कार्यकारी आदेश बताते हुए ट्रंप ने कहा कि यह पहल आम नागरिकों को संघीय कर्मचारियों जैसी उच्च गुणवत्ता वाली रिटायरमेंट सेविंग्स योजनाओं का लाभ देगी।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पारंपरिक रोजगार संरचनाओं से बाहर काम करने वाले लोगों के लिए बेहद अहम साबित होगा। उन्होंने कहा, 'जिन लाखों अमेरिकियों के पास नियोक्ता-प्रायोजित योजनाएं नहीं हैं। उनके लिए यह क्रांतिकारी होगा क्योंकि अब वे भी इसके दायरे में होंगे।' ट्रंप ने इसके दीर्घकालिक लाभ का उदाहरण देते हुए कहा, 'अगर 25 साल का कोई व्यक्ति हर महीने सिर्फ 165 डॉलर निवेश करता है, तो 65 साल की उम्र तक उसके खाते में अनुमानित 4,65,000 डॉलर हो सकते हैं।
ट्रंप ने माना कि योजना को और आगे बढ़ाने के लिए विधायी मंजूरी जरूरी होगी। उन्होंने कहा, 'अगले स्तर तक ले जाने के लिए हमें कांग्रेस की मंजूरी चाहिए। यह द्विदलीय समर्थन से होना चाहिए। इस कार्यक्रम के तहत चैरिटेबल संगठनों को भी इंडिविजुअल रिटायरमेंट अकाउंट यानी व्यक्तिगत रिटायरमेंट खातों (आईआरए) में योगदान देने की अनुमति होगी, जिससे भागीदारी का दायरा और बढ़ेगा। हैसेट ने कहा, 'ट्रंप आईआरए के तहत चैरिटी भी दूसरों के खातों में योगदान कर सकती हैं।'
रोजगार और निवेश में बढ़ोतरी का हवाला दिया
ट्रंप ने इस पहल को व्यापक आर्थिक प्रदर्शन से भी जोड़ा और रोजगार व निवेश में वृद्धि का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'इस समय हमारे देश के इतिहास में सबसे ज्यादा लोग काम कर रहे हैं।'अमेरिका की रिटायरमेंट प्रणाली लंबे समय से नियोक्ता-आधारित योजनाओं पर निर्भर रही है, जिससे गिग वर्कर्स और असंगठित श्रमिकों का एक बड़ा वर्ग इससे बाहर रह जाता है। हाल के वर्षों में इस खाई को पाटने के प्रयासों को दोनों दलों का समर्थन मिलता रहा है।