हांगकांग में जारी चीन की तानाशाही और एपल डेली अखबार के बंद किए जाने के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा यह हांगकांग और विश्व स्तर पर मीडिया की स्वतंत्रता के लिए एक दुखद दिन है। इसके साथ ही उन्होंने चीन को भी जमकर लताड़ लगाई है।
राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि बीजिंग के दमन, गिरफ्तारी, धमकियों और एक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के कारण, जो भाषणों के नाम पर दंडित करता है। एपल डेली, हांगकांग में स्वतंत्र पत्रकारिता का गढ़ है, अब इसका प्रकाशित होना बंद हो गया है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता अपराध नहीं है। हांगकांग के लोगों को प्रेस की स्वतंत्रता का अधिकार है। इसके बजाय, बीजिंग बुनियादी स्वतंत्रता से इनकार कर रहा है और हांगकांग की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमला कर रहा है। हांगकांग में लोगों के समर्थन में अमेरिका हमेशा साथ रहेगा।
शनिवार से बंद होगा हांगकांग का लोकतंत्र समर्थक ‘एपल डेली’ अखबार
इस सप्ताहांत शनिवार से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को चुनौती देने वाला हांगकांग का लोकतंत्र समर्थक अखबार ‘एपल डेली’ बंद हो जाएगा। अखबार के पांच संपादकों और कार्यकारी अधिकारियों की गिरफ्तारी तथा अखबार से जुड़ी 23 लाख डॉलर की संपत्ति जब्त होने के बाद यह फैसला लिया गया है।
निदेशक मंडल ने बुधवार को एक बयान में कहा कि हांगकांग में मौजूदा हालात के मद्देनजर उसका प्रिंट संस्करण और ऑनलाइन संस्करण शनिवार के बाद जारी नहीं रह सकेगा। संपादकों व अफसरों को राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए विदेशियों से मिलीभगत के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने हांगकांग तथा चीन पर विदेशी प्रतिबंध लगाने की कथित साजिश के सबूत के तौर पर अखबार द्वारा प्रकाशित 30 से अधिक लेखों का हवाला दिया। निदेशक मंडल ने इस सप्ताह हांगकांग के सुरक्षा ब्यूरो को पत्र लिखकर उसकी कुछ निधि जारी करने का अनुरोध किया था ताकि कंपनी वेतन दे सके।