आईएईए ईरान में मानव-निर्मित यूरेनियम के अंश पाए जाने पर सालों से जवाब मांगती रही हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों, पश्चिमी देशों और आईएईए का कहना है कि ईरान 2003 तक संगठित परमाणु हथियार कार्यक्रम चला रहा था। इधर, ईरान परमाणु हथियार बनाने की मंशा से लंबे समय से इनकार करता रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कह दिया कि वैश्विक शक्तियों को संकट में फंसे परमाणु समझौते को फिर लागू करना है तो अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अपनी जांच समाप्त करने के लिए कहना चाहिए। ये निरीक्षक देश में अघोषित स्थानों पर मानव निर्मित यूरेनियम के अंश पाए जाने की जांच कर रहे हैं। मीडिया के समक्ष इब्राहिम ने इस्राइल को धमकी दी तो अर्थव्यवस्था को लेकर उत्साहित नजर आए। उन्होंने देश पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण रियाल के लगातार गिरने की बात भी कही।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान देने के बावजूद ईरान से परमाणु समझौते पर वियना में चल रही बातचीत अधर में है। रईसी को वार्ता के वर्तमान हालात की जानकारी दी गई। तेहरान और वाशिंगटन के बीच हाल के सप्ताहों में लिखित वार्ता हुई है। इसमें लक्ष्य की ओर बढ़ने के बिंदु भी तय किए गए हैं। समझौते के लागू होने के बाद ईरान पर लगे प्रतिबंध समाप्त कर दिए जाएंगे। बदले में उसे अपना तेजी से बढ़ता परमाणु कार्यक्रम रोकना होगा।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ईरान में मानव-निर्मित यूरेनियम के अंश पाए जाने पर सालों से जवाब मांगती रही हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों, पश्चिमी देशों और आईएईए का कहना है कि ईरान 2003 तक संगठित परमाणु हथियार कार्यक्रम चला रहा था। इधर, ईरान परमाणु हथियार बनाने की मंशा से लंबे समय से इनकार करता रहा है।