मेडिकेयर एवं मेडिकेड सेवा केंद्रों और होमलैंड सुरक्षा विभाग के बीच सोमवार को एक समझौता हुआ। इसके बाद आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग को देश के 7.9 करोड़ मेडिकेड नामांकित लोगों का डाटा सौंपा गया। इसमें बीमित लोगों का घर का पता और जातीयता की जानकारी शामिल है।
अमेरिका से अब सरकारी स्वास्थ्य बीमा (मेडिकेड) सुविधा का लाभ ले रहे अप्रवासियों के निर्वासन की तैयारी है। ट्रंप प्रशासन ने आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग को देश के 7.9 करोड़ मेडिकेड नामांकित लोगों का डाटा सौंपा है। इसमें इन लोगों का घर का पता और जातीयता की जानकारी शामिल है। बताया जा रहा है इसके जरिये उन अप्रवासियों का पता लगाया जाएगा जो अमेरिका में कानूनी रूप से नहीं रह रहे हैं।
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एपी के हवाले से बताया गया कि मेडिकेयर एवं मेडिकेड सेवा केंद्रों और होमलैंड सुरक्षा विभाग के बीच सोमवार को यह समझौता हुआ। इसमें कहा गया कि यह जानकारी आईसीई अधिकारियों को देश भर में विदेशियों के स्थान का पता लगाने में मदद करेगी।
हालांकि कुछ सांसदों और कुछ सीएमएस अधिकारियों ने निर्वासन अधिकारियों के कुछ राज्यों के मेडिकेड नामांकित व्यक्तियों के डेटा तक पहुंच की वैधता को चुनौती दी है। स्वास्थ्य एवं मानव सेवा अधिकारियों ने कहा कि इसका उद्देश्य मेडिकेड कार्यक्रम में अनुचित तरीके से नामांकित लोगों को बाहर निकालना है। जबकि समझौते से साफ है कि निर्वासन अधिकारी स्वास्थ्य डाटा के साथ क्या करना चाहते हैं?
समझौते में कहा गया है कि डाटा आईसीई को लोगों की पहचान और स्थान की जानकारी प्राप्त करने की अनुमति देगा। एचएचएस के प्रवक्ता एंड्रयू निक्सन ने समझौते पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की सहायक सचिव, ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने एक बयान में कहा कि दोनों एजेंसियां यह सुनिश्चित करने के लिए एक पहल पर विचार कर रही हैं कि अवैध विदेशियों को मेडिकेड लाभ न मिलें जो कानून का पालन करने वाले अमेरिकियों के लिए हैं। ट्रंप की निर्वासन नीति के बाद से अमेरिका में लगातार कार्रवाई जारी है।