कोरोना वैक्सीन - सांकेतिक तस्वीर
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कोरोना वैक्सीन से उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। चिंता इस बात की है कि गर्भवती महिलाओं और ब्रेस्ट फीडिंग करा रही महिलाओं के लिए वैक्सीन कब आएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी तक जो वैक्सीन सामने आई हैं उनमें से किसी का गर्भवती या ब्रेस्ट फीडिंग करा रही महिला पर परीक्षण नहीं हुआ है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
टीका लगवाने की हड़बड़ी न करें, अपना बचाव करना होगा सबसे अहम
ब्रिटेन और अमेरिका समेत दुनिया के 6 देशों में फाइजर की वैक्सीन का प्रयोग होगा। इसी बीच विशेषज्ञों का कहना है कि फाइजर, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनेका और मॉडर्ना की वैक्सीन किसी भी गर्भवती को नहीं दी जाएगी। क्योंकि इसका परीक्षण गर्भवती पर नहीं हुआ है। ब्रिटेन सरकार ने भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करते हुए कह दिया है कि गर्भवती को तब तक कोरोना का कोई भी टीका नहीं लगेगा जब तक उन पर परीक्षण के नतीजे नहीं आ जाते।
वायरस आधारित वैक्सीन खतरनाक
वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी जो वैक्सीन सामने हैं उनको तैयार करने में कोरोना के अंश का प्रयोग हुआ है। आशंका है कि अगर यह वैक्सीन गर्भवती को लगती है तो इसके दुष्प्रभाव से गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। गर्भ में पल रहे बच्चे का भरण पोषण माह के गर्भनाल से होता है। टीका लगने के बाद गर्भवती को कोई साइड इफेक्ट होता है तो उसे मैनेज करने में हाई डोज की दवा से स्थिति और बिगड़ सकती है।