कोरोना वायरस से गर्भवती महिलाओं और नवजातों को ज्यादा खतरा है। मैचाच्युसेट्स जनरल अस्पताल के वैज्ञानिकों का कहना है कि तीन महीने की गर्भवती अगर कोरोना संक्रमित हो जाती है तो उसके गर्भनाल के जरिए बहुत कम मात्रा में एंटीबॉडीज का स्तर शिशु तक पहुंचता है।
एंटीबॉडीज जन्म के बाद नवजात को वायरस से बचाने में मददगार
वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्भनाल के जरिए शिशु तक जो एंटीबॉडीज पहुंचती है उसमें कुछ बेहद असरदार होती है जो प्राकृतिक रूप से किलर सेल्स का काम करती है। ये एंटीबॉडीज जन्म के बाद नवजात को वायरस से बचने में मददगार हो सकती है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस आधार पर गर्भवतियों को विशेष तरह की वैक्सीन तैयार करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही नवजात बच्चों के टीकाकरण को लेकर भी मदद मिल सकती है।