संयुक्त राष्ट्र पूंजी विकास कोष
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संयुष्ट्र राष्ट्र पूंजी विकास कोष (यूएनसीडीएफ) ने भारतीय मूल की निवेश-विकास बैंकर प्रीति सिन्हा को अपना कार्यकारी सचिव नियुक्त किया है। उनका ध्यान महिलाओं, युवाओं, छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों को छोटे कर्ज की सुविधा उपलब्ध कराने पर होगा। सिन्हा ने इस पद को संभाल लिया है।
साल 1966 में गठित हुए यूएनसीडीएफ का मुख्यालय न्यूयार्क में है। इसका काम कम विकसित देशों (एलडीसी) को छोटे कर्ज दिलाना है। सिन्हा ने कहा कि यूएनसीडीएफ में उनका लक्ष्य पूंजी बनाना होगा। उन्होंने जूडिथ कार्ल की जगह ली है, जो यूएन में अपने 30 साल के कैरियर के समापन के बाद फरवरी में रिटायर हुए थे।
यूएनडीपी के संचालक अचिम स्टेनर ने प्रीति सिन्हा का स्वागत कर कहा कि वे समावेशी अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण करते हुए कोरोना महामारी के आर्थिक दुष्प्र्रभावों को दूर करने के लिए काम करेंगी। सिन्हा ने अफ्रीकी विकास बैंक में संसाधन जुटाने की भूमिका भी निभाई है। प्रीति डार्टमाउथ कॉलेज की पूर्व छात्र हैं, जहां उन्होंने अर्थशास्त्र और कंप्यूटर विज्ञान में अपनी बीए की पढ़ाई पूरी की।
श्रम-रोजगार पर बाइडन की विशेष सहायक नामित हुईं प्रोणिता गुप्ता
भारतवंशी प्रोणिता गुप्ता को घरेलू नीति परिषद में श्रम एवं कामगारों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का विशेष सहायक नामित किया गया है। इससे पहले वे ‘सेंटर फॉर लॉ एंड स्पेशल पॉलिसी’ (सीएलएएसपी) में जॉब क्वालिटी टीम की निदेशक थीं।
सीएलएएसपी की कार्यकारी निदेशक ओलिविया गोल्डन ने कहा, वह एक असाधारण नेतृत्वकर्ता हैं जो कम आय वाले लोगों, अलग-अलग नस्ल के लोगों को अपने कार्य में शामिल करती हैं। उन्हें काम को जिम्मेदारी के साथ करने का जुनून है। गुप्ता पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी श्रम मंत्रालय में महिला ब्यूरो की उपनिदेशक थीं।