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हादसा: नतांज में बिजली ठप होने को ईरान ने बताया 'परमाणु आतंकवाद', बढ़ सकता है तनाव

Mon, 12 Apr 2021 02:37 AM IST
प्रशांत कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

  • बाहरी तोड़फोड़ व हमले की आशंका जताई ईरान के सांसद ने, पहले भी हुआ है यहां धमाका
  • असैन्य परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख अली अकबर सालेही ने यह टिप्पणी रविवार रात ईरान के सरकारी टेलीविजन पर एक खबर में की
  • सालेही की टिप्पणी से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है
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ईरान का झंडा - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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नए आधुनिक यूरेनियम संवर्धित सेंट्रिफ्यूज को लॉन्च करने के अगले ही दिन ईरान के तेहरान में बनाए गए नतांज परमाणु केंद्र पर हादसा हो गया है। हालांकि इस हादसे में किसी की मौत या रेडियोएक्टिव तत्वों के फैलने की खबर नहीं है, लेकिन बिजली सप्लाई में बाधा आई। बताया जा रहा है कि केंद्र के बिजली वितरण ग्रिड में हुई समस्या से यह हादसा हुआ, वहीं कई ईरानी विशेषज्ञ इसे संदिग्ध मान रहे हैं।

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ईरान के असैन्य परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख ने देश के नतांज परमाणु इकाई में बिजली आपूर्ति बाधित होने को ‘‘परमाणु आतंकवाद’’ बताया है। बिजली आपूर्ति ठप होने से तनाव बढ़ने के आसार है। असैन्य परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख अली अकबर सालेही ने यह टिप्पणी रविवार रात ईरान के सरकारी टेलीविजन पर एक खबर में की। सालेही की टिप्पणी से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है।

साइबर हमले के कारण यूनिट में अंधेरा छाया
कई इस्राइली मीडिया घरानों ने भी यही आकलन किया था कि साइबर हमले की वजह से नतांज में अंधेरा छा गया और उस परमाणु इकाई को भारी क्षति पहुंची, जहां संवेदनशील सेंट्रीफ्यूज स्थित हैं। यूनिट में पावर सप्लाई बंद होने से कार्य बाधित हो गया है। इजराइली मीडिया का देश की सैन्य एवं खुफिया एजेंसियों के साथ नजदीकी संबंध है।
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इस्राइल की मोसाद एजेंसी ने किया साइबर हमला
इस्राइल के सार्वजनिक रेडियो ने रविवार को अज्ञात खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा कि इस्राइल की मोसाद जासूसी एजेंसी ने ईरान की नतांज परमाणु इकाई के खिलाफ साइबर हमला किया।

ईरान के यूरेनियम संवर्धित परमाणु केंद्र पर हादसा
इफ्शां रेगिस्तान में बने इस भूमिगत परमाणु केंद्र को ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का केंद्र माना जाता है और संयुक्त राष्ट्र संघ की इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) इसकी निगरानी कर रही है।

एजेंसी ने फिलहाई कोई जानकारी देने से इनकार किया है। परमाणु कार्यक्रम को आधार बनाकर अमेरिका ईरान पर लगातार दबाव बनाता रहा है। नया सेंट्रिफ्यूज लगाकर यहां यूरेनियम संवर्धन तेज करने का लक्ष्य था।

ईरान के एक सांसद शारियाती निसार ने अंदेशा जताया है कि यह हादसा संदिग्ध है और परमाणु केंद्र में घुसपैठ कर इसे अंजाम देने की आशंका व्यक्त की। वे ईरान की संसदीय ऊर्जा समिति के प्रवक्ता भी हैं, उन्होंने कहा कि सांसद इस बारे में विस्तृत जानकारी ले रहे हैं।

पिछले वर्ष जुलाई में हुआ था धमाका, इस्राइल पर शक
नतांज परमाणु केंद्र पर हमेशा हमलों की आशंका ईरान को रहती है, इसीलिए इसे हवाई हमलों से बचाने के लिए भूमिगत रखा गया। वहीं पिछले वर्ष जुलाई में भी यहां धमाका हुआ था, जिसे जांचकर्ताओं द्वारा हमले की श्रेणी में रखा गया। ईरान के नेता इसके पीछे इस्राइल को जिम्मेदार करार देते हैं। 2010 का स्टक्सनेट कंप्यूटर वायरस हमला और ईरान के एक वैज्ञानिक की हत्या के पीछे भी उसे ही बताया जाता है। हालांकि खुद इस्राइल ने किसी हमले की जिम्मेदारी कभी नहीं ली। लेकिन हाल में बेंजामिन नेतन्याहू ईरान को अपने देश के लिए बड़ा खतरा करार देने लगे हैं।

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