फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में चुनाव के बाद भी हिंसा जारी, उपद्रवियों ने घर को किया आग के हवाले; कई घायल

Mon, 16 Feb 2026 03:41 PM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

बांग्लादेश में चुनाव के बाद हुई हिंसा में पांच जिलों में भारी नुकसान हुआ है। बीएनपी और जमात कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों में कई लोग घायल हुए और घरों में आगजनी की गई। इस दौरान एक पत्रकार पर भी हमला हुआ।
विज्ञापन
बांग्लादेश का झंडा - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश आम चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस चुनाव में सत्ता की कमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के हाथों में आ गई है। चुनाव के नतीजे आने के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा हुई। पांच अलग-अलग जिलों में हुई हिंसक घटनाओं में कम से कम नौ लोग घायल हो गए। उपद्रवियों ने एक घर में आग भी लगा दी। 
विज्ञापन


दो गुटों में हुई भिड़ंत
नटोर जिले के लालपुर उपजिला में शनिवार रात को तनाव काफी बढ़ गया। यहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के ही दो गुट आपस में भिड़ गए। इस आपसी लड़ाई में छह लोग घायल हुए हैं। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार ने लालपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी मोहम्मद मोजिबर रहमान ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा है। पुलिस ने मौके से एक बंदूक भी बरामद की है और घटना को लेकर केस दर्ज कर लिया है।

ये भी पढ़ें: Bondi Beach Shooting: बॉन्डी बीच पर आतंकी हमला करने वाला आरोपी कोर्ट में हुआ पेश, अप्रैल में होगी अगली सुनवाई
विज्ञापन


ये जिले भी रहे अशांत
एक अलग घटना में, शेरपुर जिले के सदर उपजिला में भी हिंसा की खबर आई। यहां जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों ने एक बीएनपी कार्यकर्ता पर हमला कर दिया। घायल कार्यकर्ता का नाम गियासुद्दीन रसेल है और उनकी उम्र 35 साल है। रसेल शेरपुर-1 सीट से बीएनपी की उम्मीदवार संसिला जेब्रिन प्रियंका के चुनाव एजेंट के रूप में काम कर रहे थे।

इसी तरह की एक और घटना फेनी जिले के दगनभुयान उपजिला में हुई। यहां के दक्खिन भबानीपुर गांव में बीएनपी के लोगों ने जमात कार्यकर्ता नूरुल अबसार बेलाल को निशाना बनाया। हमलावरों ने बेलाल के घर में उन पर हमला किया। उन्हें गंभीर हालत में पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और फिर फेनी जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पत्रकार पर भी हुआ हमला
रिपोर्ट्स के अनुसार, जमालपुर जिले में एक पत्रकार को भी हिंसा का शिकार होना पड़ा। स्थानीय पत्रकार शमसुल हुदा रतन शनिवार को दीवानगंज उपजिला में चुनावी हिंसा की रिपोर्टिंग कर रहे थे। इसी दौरान बीएनपी की युवा शाखा 'जुबो दल' के एक नेता ने उन पर हमला कर दिया। रतन ने बताया कि वह जानकारी जुटाने के लिए मोंडोल बाजार गए थे। वहां जुबो दल के सीनियर जॉइंट कन्वीनर फारुक अहमद ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें पीटा। रतन ने कहा कि वह अभी भी अस्वस्थ हैं और जल्द ही पुलिस में इसकी शिकायत करेंगे।

उपद्रवियों ने घर को किया आग के हवाले
खुलना जिले के फुलतला उपजिला में भी आगजनी की घटना हुई। मशियाली गांव में एक गिरोह ने जमात समर्थक शोकोर अकुंजी के घर में आग लगा दी। शोकोर के बेटे अब्दुर रज्जाक ने बताया कि वे हमलावरों को पहचान नहीं सके क्योंकि उन्होंने अचानक हमला किया था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: बांग्लादेश: हिरासत में एक और आवामी लीग नेता की मौत, अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में तोड़ा दम

रिपोर्ट में आए डराने वाले आंकड़े
ढाका की संस्था ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी ((एचआरएसएस) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में डराने वाले आंकड़े पेश किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 13वें संसदीय चुनाव के दौरान अक्टूबर 2025 से 14 फरवरी के बीच भारी हिंसा हुई। इस अवधि में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई और 2,503 लोग घायल हुए। हिंसा के दौरान 34 लोगों को गोली लगी। इसके अलावा, उपद्रवियों ने 500 से ज्यादा घरों, गाड़ियों, दुकानों और चुनाव कार्यालयों में तोड़फोड़ की या उन्हें आग लगा दी।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें