सार
पुर्तगाल में दो मुख्य कर्मचारी संघों की हड़ताल ने देशभर में हलचल मचा दी है। एक साथ दस लाख से ज्यादा कामगारों के सड़क पर उतरने की खबर से चारों तरफ हलचल मची हुई है। इस हड़ताल के कारण फ्लाइट और ट्रेन सेवाएं, सरकारी कामकाज बंद और स्कूल-कॉलेज की क्लासें रद्द होने की भी उम्मीद है।
पुर्तगाल में गुरुवार को देश के दो मुख्य कर्मचारी संघों की हड़ताल ने देशभर में हलचल पैदा कर दी है। संभावना इस बात की तेज है कि इस हड़ताल के चलते देशभर में बड़े पैमाने पर फ्लाइट और ट्रेन सेवाओं में रुकावट आएंगी। साथ ही कई सरकारी सेवाओं का बंद रहना और मेडिकल अपॉइंटमेंट व स्कूल-कॉलेज की क्लासें रद्द होने की संभावना तेज है। मीडिया रिपोर्टस की माने तो इस हड़ताल में करीब एक मिलियन यानी 10 लाख से ज्यादा कामगारों के शामिल होने की उम्मीद है। यह देश में पिछले 10 वर्षों में सबसे बड़ी हड़ताल मानी जा रही है।
हड़ताल के मुख्य कारण दक्षिण सरकार की रोजगार कानूनों में बदलाव की योजना है। मामले में कर्मचारी संघों का आरोप है कि सरकार के प्रस्तावित बदलाव कामगारों के हक और सुविधाओं को कम कर देंगे। वहीं बात अगर सरकार के पक्ष की करें तो सरकार का कहना है कि ये बदलाव अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और विकास को बढ़ावा देने के लिए जरूरी हैं।
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हड़ताल और प्रदर्शन
संघों ने गुरुवार को सड़कों पर मार्च और प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। यह 2013 के बाद पहली बार है जब जनरल वर्कर्स यूनियन और जनरल कॉन्फेडरेशन ऑफ पुर्तगाली वर्कर्स ने मिलकर यह हड़ताल की है।हालांकि सामाजिक डेमोक्रेट प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो ने हड़ताल को बेवकूफी भरा बताया और कहा कि देश की अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है।
सरकार के प्रस्तावित बदलावों में क्या-क्या?
बता दें कि सरकार के प्रस्तावित बदलावों में कंपनियों के लिए कर्मचारियों को निकालना आसान करना। कुछ क्षेत्रों में हड़ताल करने का अधिकार कम करना और माताओं के लिए स्तनपान ब्रेक को पहले दो साल तक सीमित करना, जबकि अब यह खुला रहता है।
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अब समझिए कैसी है पुर्तगाल की स्थिति?
गौरतलब है कि पुर्तगाल यूरोपीय संघ (ईयू) की सबसे छोटी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यहां की औसत मासिक वेतन लगभग 1,600 यूरो (लगभग 169000 रुपया) है। वहीं न्यूनतम मासिक वेतन 870 यूरो (लगभग 92,000 रुपया) है। गौर करने वाली बात है कि देश में आवास और महंगाई संकट भी जारी है, क्योंकि संपत्ति की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। इसके साथ ही बेरोजगारी लगभग छह प्रतिशत है, जो ईयू के औसत के बराबर है। ऐसे में यूरोपीय आयोग ने उम्मीद जताई है कि इस साल पुर्तगाल की जीडीपी वृद्धि लगभग दो प्रतिशत होगी, जो ईयू के औसत 1.4 प्रतिशत से ज्यादा है।
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