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पोप फ्रांसिस ने म्यांमार सेना के आगे मानी हार, कहा: मैं सैन्य शासन के आगे घुटने टेकता हूं, बंद करें हिंसा

Thu, 18 Mar 2021 08:15 AM IST
Kuldeep Singh वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वेटिकन सिटी
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पोप फ्रांसिस - फोटो : social media
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म्यांमार में फायरिंग से हो रही हिंसा की घटना पर वेटिकन सिटी के पोप फ्रांसिस ने खून-खराबे को बंद करने के लिए सैन्य शासन के आगे घुटने टेक दिए हैं। पोप ने सेना से अपील कर कहा कि वह हाथ फैलाकर प्रार्थना करते हैं, अब हिंसा बंद करें। साथ ही म्यांमार के शक्तिशाली बौद्ध भिक्षुओं के संगठन ने भी निर्दोष नागरिकों की हत्या और प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार बंद करने के लिए कहा है।

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पोप फ्रांसिस ने प्रार्थना सभा के बाद कहा कि इस समय म्यांमार में दुख भरा माहौल है और यहां के ज्यादातर युवा नागरिक देश के लिए अपनी जान गवां रहे हैं। उन्होंने व्यापक रूप से प्रसारित एक नन की तस्वीर के संदर्भ में कहा कि मैं भी म्यांमार सशस्त्र बलों के सामने घुटने टेकता हूं। प्रार्थना करता हूं, अब बहुत हो चुका खून-खराबा इसे बंद कर देना चाहिए। मैं भी नन की तरह आपके आगे हाथ फैलाकर शांति की अपील करता हूं क्योंकि संवाद से ही शांति हो सकती है। 

बौद्ध भिक्षुओं के संगठन ने म्यामांर में लोकतंत्र प्रदर्शनकारियों पर हो रहे अत्याचार की कढ़ी निंदा की है। साथ ही निर्दोषों की और ज्यादा जान न जाए, इसके लिए बौद्ध भिक्षुओं के संगठन ने धार्मिक मामलों के मंत्री से बातचीत के बाद अंतिम बयान जारी करने का फैसला किया है।
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उल्लेखनीय है कि म्यांमार के इतिहास में बौद्ध भिक्षुओं का लंबा भगवा क्रांति का इतिहास रहा है। इनके द्वारा 2007 में सैन्य शासन के खिलाफ लंबा संघर्ष चला था। अब ये  हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए म्यांमार प्रशासन से भी समन्वय करके शांति कायम करने की कोशिश कर रहे हैं।

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