प्रार्थना करते कार्डिनल्स।
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नौ दिन का शोक, फिर होगा नए पोप का चुनाव
पोप फ्रांसिस के निधन के बाद नौ दिन का शोक मनाया जाएगा। इस अवधि को नोवेन्डिएल कहा जाता है। इसके बाद नए पोप को चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी। कुछ दिनों में दुनियाभर के कार्डिनल पापल कॉन्क्लेव के लिए रोम पहुंच जाएंगे। पोप का चयन कार्डिनल का प्रतिनिधिमंडल करेगा जो कैथोलिक चर्च के सबसे वरिष्ठ पादरी होते हैं। कार्डिनल ही तय करेंगे कि कॉन्क्लेव कब शुरू होगा। आमतौर पर 15-20 दिनों में वेटिकन के सिस्टिन चैपल में नए पोप के चुनाव के लिए पॉपल कॉन्क्लेव शुरू होता है।
भारत में तीन दिन का राजकीय शोक
पोप फ्रांसिस के निधन पर भारत सरकार ने सोमवार को तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्मगुरु (पोप) को श्रद्धांजलि देने के लिए देश में तीन दिन का राजकीय शोक रहेगा।पोप फ्रांसिस पूरी दुनिया में शांति, सेवा और करुणा के लिए जाने जाते थे। उनका निधन सिर्फ ईसाई समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। भारत सरकार ने भी इस दुख की घड़ी में संवेदना जताते हुए उनके सम्मान में यह फैसला लिया है।
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पोप फ्रांसिस के लिए प्रार्थना।
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पोप फ्रांसिस का आखिरी संदेश
पोप फ्रांसिस ने अपने आखिर संदेश में जरूरतमंदों की मदद करने, भूखों को खाना देने और विकास को बढ़ावा देने वाली पहलों को प्रोत्साहित करने की अपील की थी। ईस्टर पर जारी अपने संदेश में उन्होंने लिखा, 'मैं हमारी दुनिया में राजनीतिक जिम्मेदारी के पदों पर बैठे सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे डर के आगे न झुकें। डर दूसरों से अलगाव की ओर ले जाता है। सभी जरूरतमंदों की मदद करने, भूख से लड़ने और विकास को बढ़ावा देने वाली पहलों को प्रोत्साहित करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करें। ये शांति के हथियार हैं, हथियार जो मौत के बीज बोने के बजाय भविष्य का निर्माण करते हैं! मानवता का सिद्धांत हमारे दैनिक कार्यों की पहचान बनने से कभी न चूके।'
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