अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली के कैबिनेट चीफ और करीबी सहयोगी मैनुअल एडोर्नी ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा एक ऐसे भ्रष्टाचार मामले के बाद आया है जिसने लिबर्टेरियन सरकार को हिलाकर रख दिया है और राजनीतिक व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने के उनके प्रमुख चुनावी वादे को भी कमजोर कर दिया है।
राष्ट्रपति के सबसे भरोसेमंद सहयोगी का जाना
एडोर्नी का इस्तीफा राष्ट्रपति माइली के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वे उनके सबसे भरोसेमंद और पुराने सहयोगियों में शामिल रहे हैं। माइली के पूर्व प्रवक्ता के रूप में एडोर्नी वर्ष 2023 में उनके सख्त मितव्ययिता अभियान और भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडे का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे थे।
विवादों के घेरे में आए एडोर्नी
राजनीति से बाहर की पृष्ठभूमि रखने वाले एडोर्नी पिछले कुछ महीनों से लगातार विवादों में रहे। उन पर फिजूलखर्ची और महंगी रियल एस्टेट संपत्तियां खरीदने के आरोप लगे। पिछले वर्ष माइली ने उन्हें कैबिनेट चीफ नियुक्त किया था, जिसके बाद गवर्नरों और कांग्रेस के अन्य हितधारकों के साथ बातचीत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हो गई थी।
अवैध संपत्ति के आरोपों की जांच
संघीय अभियोजक एडोर्नी की कथित अवैध संपत्ति की जांच कर रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने अपनी आय से कहीं अधिक खर्च और संपत्ति अर्जित की। विडंबना यह है कि माइली और एडोर्नी स्वयं लंबे समय तक विपक्ष पर इसी तरह की फिजूलखर्ची और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे थे। हालांकि एडोर्नी ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से साफ इनकार किया है।
इस्तीफा में क्या लिखा?
माइली को लिखे अपने इस्तीफा पत्र, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया, में एडोर्नी ने लिखा, '10 दिसंबर, 2023 के बाद पहली बार मैं आपकी इच्छा के खिलाफ जा रहा हूं।' यह वही तारीख है जब माइली ने राष्ट्रपति पद संभाला था। उन्होंने आगे लिखा, 'मुझ पर हमेशा भरोसा करने और इस अन्यायपूर्ण, पीड़ादायक तथा थका देने वाली प्रक्रिया के दौरान मेरा और मेरे परिवार का साथ देने के लिए आपका धन्यवाद।'
माइली ने किया बचाव
अब तक राष्ट्रपति माइली अपने कैबिनेट चीफ का लगातार बचाव करते रहे हैं। हालांकि इस विवाद से उनकी सरकार की छवि प्रभावित हुई है। इससे सहयोगी दलों के साथ उनकी राजनीतिक पकड़ कमजोर हुई है और महंगाई से जूझ रहे लोगों के बीच खर्च में कटौती को लेकर उनकी सरकार का संदेश भी कमजोर पड़ा है। पिछले सप्ताह स्पेन यात्रा के दौरान माइली ने स्थानीय मीडिया से कहा, 'मैनुअल निर्दोष हैं। मैं आखिरी दम तक अपने मंत्रियों के साथ खड़ा रहूंगा।'
करीना माइली ने भी जताया समर्थन
माइली के प्रवक्ता ने एडोर्नी के इस्तीफे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं राष्ट्रपति की बहन और शीर्ष सलाहकार करीना माइली ने एडोर्नी के काम की सराहना करते हुए उन्हें लिबर्टेरियन पार्टी का 'ईमानदार, मूल्यवान और बेहद प्रिय' सदस्य बताया।
निजी जिंदगी और खर्चों पर उठे सवाल
एडोर्नी की निजी जिंदगी पहली बार मार्च में विवादों में आई, जब उनकी पत्नी, जो किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, राष्ट्रपति के विमान से उनके साथ न्यूयॉर्क में आयोजित एक सम्मेलन में गईं। इसके कुछ ही दिन बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें एडोर्नी अपने परिवार के साथ निजी जेट से उरुग्वे के प्रसिद्ध पुंटा डेल एस्टे बीच रिजॉर्ट जाते दिखाई दिए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, माइली के सत्ता में आने के बाद उन्होंने ब्यूनस आयर्स में एक अपार्टमेंट और शहर के बाहर एक वीकेंड हाउस खरीदा। इसके अलावा उनकी अन्य आलीशान छुट्टियों की तस्वीरें भी सामने आईं, जिनमें अरूबा की पूरी तरह नकद भुगतान से की गई यात्रा भी शामिल थी।
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संतोषजनक जवाब नहीं दे सके एडोर्नी
सार्वजनिक वित्तीय रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले वर्ष के अंत तक एडोर्नी का मासिक वेतन लगभग 2,600 डॉलर था। जब सांसदों और पत्रकारों ने उनसे उनकी आय और आलीशान जीवनशैली के बीच अंतर को लेकर सवाल किए, तो एडोर्नी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कई सप्ताह तक उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया। लेकिन इस महीने की शुरुआत में बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अर्जेंटीना के समानांतर (ब्लैक) बाजार से डॉलर खरीदे थे और कर अधिकारियों से लगभग पांच लाख डॉलर की बचत छिपाई थी। संकटग्रस्त अर्जेंटीना में यह तकनीकी रूप से गैरकानूनी है, हालांकि इस तरह के मामलों में अक्सर कार्रवाई नहीं होती। एडोर्नी का कहना है कि यह पूरी रकम वैध तरीके से कमाई गई थी, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से हुआ मुनाफा भी शामिल है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कैबिनेट चीफ के पद पर एडोर्नी की जगह किसे नियुक्त किया जाएगा।