नेपाल के संसदीय आम चुनाव में किसी गठबंधन को पूरा बहुमत ना मिलने से देश में राजनीतिक अस्थिरता खड़ी होने का अंदेशा बढ़ रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सभी बड़ी और छोटी पार्टियां सरकार बनाने और उसमें अपने लिए सौदेबाजी के मकसद से परदे के पीछे बातचीत कर रही हैं।
चौथी बड़ी सबसे पार्टी के रूप में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के नेता रवि लमिछाने ने कहा है कि उन्होंने अपने विकल्प खुले रखे हैँ। लमिछाने एक टीवी स्टार थे, जिन्होंने आरएसपी बनाई। इस पार्टी ने इस आम चुनाव में सबको चौंकाते हुए बड़ी सफलता पाई है।
आरएसपी की ही तरह राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने किसी दल या गठबंधन को समर्थन देने के सवाल पर अभी चुप्पी साध रखी है। पार्टी के नेता मोहन श्रेष्ठ ने कहा है- ‘अगर ऐसी स्थिति पैदा होती है, जिसमें हमारे समर्थन के बिना सरकार बनना संभव ना हो, तब हम इस पर विचार करेंगे।’
जनता समाजवादी पार्टी ने भी संकेत दिया है कि वह किसी भी पार्टी या गठबंधन से जुड़ने को तैयार है। इस पार्टी ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) से चुनावी गठबंधन किया था। लेकिन पार्टी के नेता उपेंद्र यादव ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि चुनाव खत्म होने के साथ ही चुनावी गठबंधन की उपयोगिता खत्म हो गई है। उन्होंने कहा- ‘हमने उन्हें कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में समर्थन दिया। बदले में कुछ क्षेत्रों में उन्होंने हमारा समर्थन किया। चुनाव खत्म होते ही यह अध्याय खत्म हो गया। अब आगे के रास्ते के बारे में हम नए सिरे से विचार करेंगे।’
इस चुनाव में दो और नई पार्टियां उभर कर आई हैं। ये हैं- जनमत पार्टी और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी। बताया जाता है कि ये दोनों पार्टियों सभी बड़े दलों के संपर्क में हैँ। पर्यवेक्षकों के मुताबिक जिन बड़ी पार्टी या गठबंधन से इन्हें बेहतर ऑफर मिलेगा, ये उसकी तरफ झुक जाएंगी।
नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने एकजुट रहने का सार्वजनिक संकल्प जताया है। अगर इस वादे पर पांच दलों का यह गठबंधन कायम रहा, तो उसे सरकार बनाने के लिए सिर्फ तीन सीटें जुटानी होंगी। ऐसा वह किसी एक या दो छोटे दल को साथ लेकर करने में सक्षम हो जाएगा। लेकिन नेपाली कांग्रेस की चिंता इन जारी चर्चाओं के कारण बनी हुई है कि गठबंधन में शामिल दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) अभी भी यूएमएल से संपर्क में है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक माओइस्ट सेंटर के नेता पुष्प कमल दहल प्रधानमंत्री बनने की गोटियां खेल रहे हैं।
नेपाल की संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के आम चुनाव के लिए 20 नवंबर को वोट डाले गए थे। इस सदन में 275 सीटें हैं। सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पार्टियों को मिला कर 136 सीटें मिली हैं। ऐसे में गठबंधन के एकजुट रहने पर उसकी सरकार बनने की संभावना मजबूत है।
राजनीतिक विश्लेषक झलक सुबेदी ने अखबार काठमांडू पोस्ट से कहा कि यूएमएल को मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने का जनादेश मिला है। लेकिन फिलहाल माहौल ऐसा है कि सभी पार्टियां सत्ता में आने के मौके की तलाश में नजर आ रही हैं।