डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन की तीखी आलोचना
इंडियाना के डेमोक्रेटिक सांसद फ्रैंक मर्वान ने प्रशासन के कदमों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के एकतरफा कदम गलत हैं और उनकी खतरनाक बयानबाजी स्थिति को और बिगाड़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि भले ही सीजफायर की घोषणा की गई हो, लेकिन सच यह है कि कोई तात्कालिक खतरा नहीं था, कोई स्पष्ट उद्देश्य नहीं था और अंत का कोई संकेत नहीं है। हमारे सैनिक अब भी खतरे में हैं। मर्वान ने यह भी जोड़ा कि आम अमेरिकी नागरिक इसके असर को महसूस कर रहे हैं कि लोग पहले ही पेट्रोल और किराने की कीमतों पर इसका असर देख रहे हैं।
कैलिफोर्निया के सांसद केविन काइली ने अमेरिका की छवि और संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका सभ्यताओं को नष्ट नहीं करता और न ही इसे बातचीत की रणनीति के तौर पर धमकी देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि वह चल रही सैन्य कार्रवाइयों पर निगरानी रखे।
राष्ट्रपति की भाषा को लेकर कड़ी आपत्ति जताई
सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की ने राष्ट्रपति की भाषा को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी को बातचीत में बढ़त हासिल करने के प्रयास के रूप में भी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह हमारे देश के उन मूल्यों का अपमान है जिन्हें हम लगभग 250 वर्षों से दुनिया में बढ़ावा देते आए हैं, और इससे देश-विदेश में अमेरिकियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।
सभ्यता को खत्म करने की धमकी देना अमेरिकी मूल्यों के खिलाफ है
एरिजोना के सीनेटर रुबेन गैलेगो ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे बेहतरीन इसलिए है क्योंकि हम सही तरीके से लड़ते हैं हम कानून का पालन करते हैं और नागरिकों की रक्षा करते हैं। उन्होंने ट्रंप के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि पूरी सभ्यता को खत्म करने की धमकी देना हमारे मूल्यों के खिलाफ है और यह पूरी तरह गैरकानूनी है।