पैनल अध्यक्ष कैथरीन वुड ने कहा कि महिला के साथ उसकी जाति के कारण भेदभाव किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस के भीतर नस्लवाद और इस्लामोफोबिया राष्ट्रीय चिंता के मुद्दे हैं।
उत्तरी इंग्लैंड के पुलिसकर्मी पैट्रिक हैरिसन को अनुशासनात्मक न्यायाधिकरण ने घोर कदाचार का दोषी पाया है। उसने एक महिला ‘एसए’ के भारतीय लहजे की नकल की थी। उसने नवंबर 2022 में घृणा अपराध की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस कॉल सेंटर को फोन किया था। हैरिसन ने कदाचार पैनल के फैसले से पहले इस्तीफा दे दिया था।
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पैनल ने कहा कि यदि वह इस्तीफा न देता तो उसे बर्खास्त कर देते। पैनल ने कहा कि महिला से फोन वार्ता के बाद हैरिसन ने महिला के इस्तेमाल किए गए कुछ वाक्यांशों की नकल की। महिला ने इन टिप्पणियों को सुना व इस्लामोफोबिया निगरानी समूह (टेल मामा) को मामले की सूचना दी।
महिला की जाति के चलते भेदभाव किया
पैनल अध्यक्ष कैथरीन वुड ने कहा कि महिला के साथ उसकी जाति के कारण भेदभाव किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस के भीतर नस्लवाद और इस्लामोफोबिया राष्ट्रीय चिंता के मुद्दे हैं।