श्रीलंका सरकार ने मंगलवार को कोलंबो के सभी थानों को हाई अलर्ट जारी किया जहां पुलिस एक अज्ञात ट्रक और एक वैन की तलाश कर रही है जिन पर विस्फोटक लाये जाने का संदेह है।
कोलंबो हार्बर में सुरक्षा निदेशक द्वारा जारी चेतावनी में कहा गया कि खुफिया तंत्र को सूचना मिली है कि बड़ी मात्रा में विस्फोटकों से लदा एक अज्ञात कंटेनर ट्रक और एक वैन कोलंबो की ओर बढ़ रहे हैं। कोलंबो हार्बर में इस समय तलाशी अभियान जारी है। ईस्टर के रविवार को श्रीलंका में हुए श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों में 320 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और आज उनका राष्ट्रीय शोक मनाया गया।
होटल में एक और आत्मघाती हमले की कोशिश, पुलिस ने किया विफल
श्रीलंका के होटल में मंगलवार को एक और आत्मघाती हमले की कोशिश की गई। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, श्रीलंका के होटल में चौथा योजनाबद्ध हमला विफल रहा है। श्रीलंका पुलिस के सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी।
वहीं, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने धमाकों में मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त जताया है। उन्होंने कहा,
जांचकर्ता दोषियों की पहचान करने के संबंध में अच्छी प्रगति कर रहे हैं। अमेरिका और बाकी कई देश हमारी मदद कर रहे हैं। जिन लोगों ने इम हमले में अपनी जान गंवाई, मैं उन सभी की मौत पर शोक व्यक्त करता हूं।
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि ये धमाके क्राइस्ट चर्च हमले की वजह से किए गए हों, लेकिन हम अभी कुछ नहीं कह सकते। पूछताछ कर रही पुलिस ही इसपर कुछ कह पाएगी।
गौरतलब है कि श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर रविवार को हुए आठ बम धमाकों में 10 भारतीयों समेत 320 लोगों की मौत हो गई। इन बम धमाकों की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है। इससे पहले तक माना जा रहा था कि सात आत्मघाती हमलावरों ने इन हमलों को अंजाम दिया था और इनका संबंध स्थानीय कट्टर इस्लामिक संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) से है। हालांकि अब आईएस ने सीधे तौर पर इन धमाकों की जिम्मेदारी ले ली है।
10 साल पहले...लिट्टे हमले में 120 की हुई थी मौत
जून, 2008 में कोलंबो में यात्रियों से दो भरी बसों में हुए बम धमाकों में 22 लोग मारेे गए थे और 100 से ज्यादा जख्मी हुए थे। इसके बाद कई दिनों तक कोलंबो में बम हमले हुए थे, जिनमें आम नागरिकों को निशाना बनाया गया था। अगले साल ट्रेन और बसों में हुए धमाकों में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।