अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैपिटल बिल्डिंग में अपने समर्थकों की हिंसा की बुधवार को यह कहते हुए अंतत: निंदा की कि वे अमेरिका का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। सांसत में पड़े ट्रंप ने इसके साथ ही संकल्प लिया कि वह नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को सत्ता का व्यवस्थित, निर्बाध और सुगम हस्तांतरण सुनिश्चित करेंगे।
एक दिन पहले ही ट्रंप ने अपने समर्थकों से कैपिटल का रूख करने का आह्वान किया था, जहां भीड़ जबरन भीतर घुसी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए वीडियो संदेश में कहा कि अमेरिका कानून-व्यवस्था का पालन करने वाला देश है और रहेगा। व्हाइट हाउस ने ट्रंप का यह वीडियो जारी किया। गुरुवार को इसे यूट्यूब पर पोस्ट किया गया।
वाशिंगटन डीसी के एक शीर्ष संघीय अभियोजक ने कहा है कि कैपिटल बिल्डिंग में हिंसा करने वाले ट्रंप के समर्थकों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए ‘‘सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है’’। वाशिंगटन डीसी के कार्यवाहक अटॉर्नी माइकल शेरविन ने कहा कि अभियोजक उपद्रवियों पर अनाधिकृत प्रवेश, संपदा की चोरी समेत 15 मामले दर्ज करने की योजना बना रहे हैं तथा कई अन्य आरोप तय करने के लिए जांचकर्ता अभी और सबूत जुटा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'उन सभी आरोपों पर विचार किया जा रहा है.... हम अधिक से अधिक आरोप तय करने की कोशिश करेंगे।' विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ उपद्रवियों पर राजद्रोह के आरोप भी लगाए जा सकते हैं।
अमेरिका में लोकतंत्र पर एक अप्रत्याशित हमले में निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थकों ने कैपिटल बिल्डिंग पर हमला किया और पुलिस के साथ भी उनकी झड़प हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 90 से अधिक लोगों का गिरफ्तार किया है तथा अभी और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। दरअसल, पिछले वर्ष सितंबर में तत्कालीन उप अटॉर्नी जनरल जेफरी रोसन ने एक मेमो में अभियोजकों से कहा था कि वे हिंसक प्रदर्शनकारियों पर राजद्रोह के आरोप लगाने पर विचार कर सकते हैं। न्याय विभाग की ओर से यह बात अश्वेत अमेरिकियों की पुलिस के हाथों हुई मौत की घटनाओं के बाद भड़की हिंसा की पृष्ठभूमि में कही गई थी।