पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 60 अरब अमेरिकी डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी नागरिकों के लिए सुरक्षा कड़ी करने का मंगलवार को आदेश दिया।
पिछले कुछ वर्षों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे धार्मिक चरमपंथी समूहों, जो बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं, के हमलों में कई चीनी कर्मियों की मौत हुई है।
योजना मंत्री अहसान इकबाल ने ग्वादर विश्वविद्यालय में बोलते हुए कहा कि सीपीईसी के तहत विभिन्न परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश का विकास ग्वादर के विकास से जुड़ा है, जो दक्षिण एशिया का प्रवेश द्वार है और सरकार ग्वादर में सीपीईसी परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए कई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि सीपीईसी परियोजनाएं मौजूदा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
पाकिस्तान और चीन का यह महत्वाकांक्षी परियोजना (सीपीईसी) चीन के उत्तर पश्चिमी शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र और पश्चिमी पाकिस्तान प्रांत बलूचिस्तान में स्थित ग्वादर बंदरगाह को जोड़ने वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का 3,000 किलोमीटर लंबा मार्ग है। सीपीईसी को लेकर भारत ने चीन का विरोध किया है क्योंकि यह कारिडोर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर जा रहा है।