Pakistan: चार कंपनियों पर प्रतिबंधों को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उनके देश का यह इरादा नहीं कि परमाणु प्रणाली आक्रामक हो। यह सौ फीसदी पाकिस्तान की रक्षा के लिए है। यह केवल एक प्रतिरोधक क्षमता है और कुछ नहीं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा पाकिस्तान की चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है। अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में शामिल होने का आरोप लगाकर हाल ही में पाकिस्तान की चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं।
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अमेरिका ने जिन चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं, उनमें पाकिस्तान की सरकारी एयरोस्पेस और रक्षा एजेंस 'नेशनल डेवलपमेंट कॉम्पलैक्स' (एनडीसी) भी शामिल है। इन कंपनियों पर आरोप है कि ये पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में योगदान दे रही थीं। इन चार कंपनियों में एनडीसी के अलावा तीन अन्य कंपनियां अख्तर एंड संस प्राइवेट लिमिटेड, अफिलिएट्स इंटरनेशनल और रॉकसाइड एंटरप्राइज शामिल हैं। इन तीनों कंपनियों का मुख्यालय कराची में हैं। जबकि एडीएसी का मुख्यालय इस्लामाबाद में है।
संघीय मंत्रिमंडल की एक बैठक के दौरान शरीफ ने कहा, 'हमारी नेशनल डेवलपमेंट कॉम्पलैक्स और अन्य संस्थाओं पर जो प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनका कोई जायज कारण नहीं है।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान का यह इरादा बिल्कुल नहीं है कि हमारी परमाणु प्रणाली आक्रामक हो। यह सौ फीसदी पाकिस्तान की रक्षा के लिए है। यह केवल एक प्रतिरोधक क्षमता है और कुछ नहीं।' उन्होंने कहा, 'अल्लाह न करे...पाकिस्तान के खिलाफ कोई आक्रामक कार्रवाई होती है, तो पाकिस्तान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम अपनी रक्षा के लिए है।'
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इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने एनडीसी और तीन अन्य कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों को 'दुर्भावनापूर्ण और पक्षपाती' करार दिया था। शहबाज शरीफ ने कहा, 'विदेश मंत्रालय ने इस पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी है और यह स्पष्ट किया है कि मिसाइल कार्यक्रम देश का है। यह उनके लिए (जनता) दिल से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राष्ट्र एकजुट है।'