नेपाल की जनसंख्या में 11 साल में 25 लाख की बढ़ोतरी हुई है। इस रूप में देश में हर साल आबादी में दो लाख से कुछ अधिक की बढ़ोतरी दर्ज हुई। नवंबर 2021 में नेपाल में जनगणना कराई गई थी। नेपाल में भी अन्य देशों की तरह ही हर दस साल पर जनगणना होती है। ताजा जनगणना के आंकड़े शुक्रवार को जारी किए गए, जिसके मुताबिक अब नेपाल की आबादी 2,91,64,578 हो गई है। 2011 की जनगणना में देश की आबादी 2,64,94,504 दर्ज हुई थी।
ताजा जनगणना के आंकड़े प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने काठमांडू में हुए एक समारोह के दौरान जारी किए। पर्यवेक्षकों के मुताबिक देश में संघीय शासन व्यवस्था अपनाए जाने के बाद पहली बार यह जनगणना हुई है। इससे अब देश के अलग-अलग प्रांतों में जनगणना के आंकड़े भी सामने आए हैं। संघीय व्यवस्था के तहत सात प्रांतों की स्थापना की गई थी। इनके अलावा 733 स्थानीय निकायों की स्थापना हुई थी।
जनगणना आंकड़ों के मुताबिक बागमती सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत के रूप में सामने आया है। वहां 61 लाख 20 हजार से अधिक लोग हैं। इस तरह देश की कुल आबादी में इस प्रांत का हिस्सा लगभग 21 फीसदी है। 61 लाख 10 आबादी के साथ मधेश नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा प्रांत है। दूसरी तरफ सबसे कम आबादी करनाली प्रांत में है, जहां देश की सिर्फ 5.79 आबादी रहती है। इलाकों के हिसाब से बड़ा इलाका तराई है, जहां 1,56,34,006 लोग रहते हैं। यानी देश की 53.61 फीसदी आबादी तराई क्षेत्र में है। पहाड़ी क्षेत्र में 1,17,57,624 लोगों का निवास है। जबकि पहाड़ क्षेत्र में 17,72,948 लोग रहते हैं।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में पुरुषों की संख्या 1,42,53,551 है। इस तरह कुल आबादी में पुरुषों का अनुपात 48.98 फीसदी है। जबकि महिलाओं का हिस्सा 51.02 फीसदी है। महिलाओं की संख्या 1,49,11,027 दर्ज हुई है। देश में जेंडर अल्पसंख्यकों यानी एलजीबीटीक्यू की संख्या 0.01 फीसदी है। इनकी कुल संख्या 2,928 है। महानगरों और शहरों में अब देश में देश की 66.17 फीसदी आबादी रहती है। ग्रामीण इलाकों में कुल आबादी का 33.17 फीसदी हिस्सा रह रहा है।
जनगणना आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में 75,52,066 मकान हैं। उनमें 71.7 फीसदी आवासीय मकसदों के लिए है। 10.1 फीसदी मकानों का पशुओं के आवास या चारा घर के रूप में इस्तेमाल होता है। 6.3 फीसदी मकानों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। 5.9 फीसदी मकानों का अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग होता है। कुल मकानों में 3.1 फीसदी इमारतों का इस्तेमाल कारोबारी मकसद से होता है। 1.1 फीसदी मकानों का उपयोग शैक्षिक उद्देश्य से हो रहा है। 0.4 फीसदी मकानों का उपयोग उद्योग और सरकारी दफ्तरों के लिए हो रहा है। होटलों और लॉज के उपयोग में 0.3 फीसदी मकान हैं।
जनगणना आंकड़ों के मुताबिक देश में साक्षरता दर 76.2 फीसदी है। 2011 की जनगणना की तुलना में यह 10.8 फीसदी की बढ़ोतरी है। अब देश में पांच वर्ष से अधिक उम्र के दो करोड़ 30 लाख लोग ऐसे हैं, जो पढ़ने-लिखने में सक्षम हैं। देश में 2.2 फीसदी किसी ना किसी प्रकार की विकलांगता का शिकार हैं।